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Sonebhadra News: 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, तार टूटे-पेड़ गिरे, रॉबर्ट्सगंज समेत 150 गांवों की आपूर्ति बाधित

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रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर शाहगंज के उसरी गांव के पास आंधी में गिरा पेड़। -संवाद। - फोटो : कबिलपुर में निकला अजगर
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सोनभद्र। मौसम में अचानक हुए बदलाव के चलते जिले में शुक्रवार की रात से ही आंधी-बारिश का प्रकोप बना रहा। करीब 45-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं में कई पेड़ धराशायी हो गए। जगह-जगह पेड़ों की टहनियां बिजली के तार पर भी गिर गईं। इससे 33 केवी की मेन लाइन ट्रिप कर गई। भोर में साढ़े तीन बजे से रॉबर्ट्सगंज नगर समेत 150 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। नगर के कई इलाकों में दोपहर एक बजे आपूर्ति बहाल हो गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की लाइन दुरुस्त करने में बिजली निगम के कर्मी लगे रहे। लगातार रिमझिम के कारण फाल्ट सुधारने में दिक्कत होती रही। प्रशासन ने मौसम को देखते हुए रविवार के लिए भी अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी-नालों और जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है। शुक्रवार से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिन में रुक-रुककर हल्की बारिश के बाद देर रात हवाओं की रफ्तार तेज हो गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जिले में 45-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटे भी दर्ज की गई। इसके चलते कई पेड़ धराशायी हो गए। रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर शाहगंज के पास यूकेलिप्टस और बबूल के दो पेड़ बीच सड़क गिर गए। संयोग था कि घटना के वक्त पेड़ों के नीचे कोई नहीं था। आसपास के लोगों ने राहगीरों की मदद से पेड़ों को हटाकर छोटे वाहनों का आवागमन चालू कराया। रामगढ़, वैनी, खलियारी सहित चुर्क क्षेत्र के जंगलों में भी कई जगह पेड़ गिर गए। उधर, रिमझिम बारिश का क्रम भी बना रहा। मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर जिला प्रशासन ने सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है। अफसरों को संबंधित क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को सचेत करने के लिए कहा गया है। साथ ही आपदा प्रबंधन की टीमों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। शाहगंज/चुर्क में तेज हवा के कारण रॉबर्ट्सगंज के घुवास खुर्द मोहल्ले समेत कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए। 33 केवी सप्लाई ट्रिप होने और विभिन्न स्थानों पर ब्रेकडाउन के कारण रॉबर्ट्सगंज नगर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली गुल रही। रॉबर्ट्सगंज डिवीजन के करीब 150 से अधिक गांवों में आपूर्ति बाधित रहीं। छपका उपकेंद्र से मेन सप्लाई में ब्रेकडाउन के कारण सुबह साढ़े तीन बजे रॉबर्ट्सगंज नगर की बिजली गुल हुई, जो सुबह नौ बजे के बाद बहाल हो सकी। हालांकि अंबेडकरनगर सहित कई मोहल्लों में दोपहर 1 बजे आपूर्ति सुचारू हो पाई। इसके अलावा मुख्यालय फीडर से जुड़े कलेक्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज की बिजली आपूर्ति भी शुक्रवार रात से शनिवार दिन तक प्रभावित रही। पेड़ों की टहनियों के विद्युत लाइनों के संपर्क में आने के कारण यहां भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। हाइडिल उपकेंद्र के जेई धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि सहिजन खुर्द, पुसौली क्षेत्र में 33 केवी लाइन के संपर्क में बांस और पेड़ की टहनियां आ रही थी। सुबह नगर की सप्लाई बंद कराते हुए उसकी छंटाई कराई गई। इसके बाद सप्लाई शुरू कर दी गई। यही स्थिति कलेक्ट्रेट और मेडिकल क्षेत्र की बनी हुई है। छपका उपकेंद्र से निकली 33 केवी लाइन से जुड़े पन्नूगंज के साथ ही कुसुम्हा, रामपुर, दुबेपुर समेत अन्य उपकेंद्रों की सप्लाई बाधित रहीं। इससे रॉबर्ट्सगंज, चतरा और नगवां ब्लॉक के 150 गांव प्रभावित रहे। कुसुम्हा उपकेंद्र से जुड़े गांवों में शुक्रवार की रात में सप्लाई बाधित रहीं। शनिवार की सुबह लाइन तो आई, मगर कुछ देर बाद कट गई। बिजली नहीं होने से लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा। विद्युत उपकेंद्र कोन व कचनरवा से कोन ब्लॉक के करीब 30 ग्राम पंचायतों के डेढ़ लाख आबादी पिछले 24 घंटे से अंधेरे में हैं। लगातार बारिश व आंधी के कारण डाला से कोन, कचनरवा उपकेंद्र की बिजली प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि तेलगुडवा से आगे पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण कई जगहों पर पेड़ लटककर 33 केवी लाइन पर आ जाता है, इससे बिजली कटौती हो जाती है। बिजली निगम के कर्मचारी तेलगुड़वा से कोन तक पेट्रोलिंग कर तार में टच हो रहे पेड़ों की कटान कराने में जुटे रहे। जेई अजय गुप्ता ने बताया कि आंधी व बरसात के कारण तार से टच हो रहे पेड़ों को छांटकर शनिवार की देर शाम तक बिजली सप्लाई बहाल कर दिया जाएगा। पोल व तार सही है।
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