सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग को अब हर हाल में ड्राप आउट बच्चों का चयन करते हुए उनका दाखिला कराना होगा। इसके लिए अब शासन स्तर से निगरानी होगी। विद्यार्थियों की विशेष पहचान के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की यूनिक आईडी बनाया है। अब कक्षा आठ पास उन छात्र-छात्राओं की तलाश खुद माध्यमिक शिक्षा परिषद करेगा।
जिले में 2061 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से पास होकर निकलने वाले कई बच्चे पढ़ाई से दूर हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं को यूनिक आईडी नंबर दिया है। इसमें उनका संपूर्ण विवरण मौजूद है। अब इस आईडी को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर ड्राप आउट विद्यार्थियों की पहचान होगी। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला एवं प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने संयुक्त रूप से कक्षा आठ उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के कक्षा नौ में प्रवेश कराने को लेकर डीआईओएस राजेंद्र यादव और बीएसए हरिवंश कुमार को पत्र भेजा है। इसमें आठवीं उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को माध्यमिक स्तर की शिक्षा देने को महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके लिए कक्षा आठ पास व कक्षा नौ में प्रवेश लिए सभी छात्र छात्राओं का विवरण प्रतिवर्ष तैयार करना है। इससे अग्रेतर शिक्षा के लिए छात्रों को प्रेरित करने के साथ ही ड्राप आउट दर में कमी हो। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आवंटित यूनिक आईडी नंबर का डेटा माध्यमिक शिक्षा विभाग से साझा करने का निर्देश दिया हैं। माध्यमिक विद्यालयों की शिकायतें हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग ने यूनिक आईडी नंबर डेटा उपलब्ध नहीं करा रहा है। इस कारण कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाले संबंधित छात्र-छात्राओं के यूनिक आईडी वाले कॉलम को वेबसाइट पर भर नहीं पा रहे हैं। यूपी बोर्ड के अपर सचिव अशोक गुप्ता ने बीएसए को पत्र भेजकर कहा कि यूनिक आईडी नंबर न दिए जाने से कक्षा आठ के आगे अध्ययन नहीं करने वाले छात्र-छात्राओं का विवरण रख पाना संभव नहीं है। ऐसे में विभाग तत्काल आईडी नंबर उपलब्ध कराएं, ताकि कक्षा नौ में प्रवेश के समय विद्यार्थी की यूनिक आईडी को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराया जा सके। इसके अपलोड होने से ड्राप आडट बच्चे चिह्नित करने में मदद मिलेगी। जिन्होंने प्रवेश नहीं लिया, उनका प्रवेश कराने के लिए प्रयास होगा।
जिले में ड्राप आडट बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए कार्य हो रहा है। इसके अच्छे परिणाम रहे हैं। शासनादेश के अनुसार शिक्षक कार्य में जुटे हैं। -हरिवंश कुमार, बीएसए।