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थम गए ट्रकों के पहिये, बेमियादी हड़ताल पर ट्रक मालिक

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चोपन में धरने पर बैठे सोनांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : SONBHADRA
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लोडिंग प्वाइंट से ही ओवरलोड रोकने की मांग को लेकर ट्रक मालिकों ने बृहस्पतिवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। ट्रकों को खड़ा कर डाला में खनन क्षेत्र के बाहर धरने पर बैठ गए। सोनांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल में कई जिलों के ट्रक मालिक शामिल हैं। हड़ताल से गिट्टी-बालू की ढुलाई ठप हो गई है।
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धरने पर बैठे ट्रक मालिकों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सिंह ने कहा कि गिट्टी-बालू का परिवहन करने वाले ट्रकों पर आए दिन खनन विभाग चालान और जुर्माने की कार्रवाई कर रहा है। ओवरलोडिंग के आरोप में उन पर मोटा जुर्माना ठोका जा रहा है, जबकि क्षमता से अधिक माल लादने वाले क्रशर प्लांट संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
अगर लोडिंग प्वाइंट से ही निर्धारित क्षमता से अतिरिक्त माल न लादने की व्यवस्था कर दी जाए तो ओवरलोडिंग की नौबत ही न आए। समस्या के मूल में प्रहार करने के बजाय विभाग ट्रक मालिकों का उत्पीड़न कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपाध्यक्ष सोनू मिश्र, सचिव सरफराज अंसारी ने कहा कि कई बार इस बारे में खनिज व जिला प्रशासन के अफसरों को अवगत कराया गया लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
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विवश होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। रायल्टी का रेट निर्धारित कर परमिट की कालाबाजारी बंद करने की भी मांग की। ट्रक मालिकों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगे नहीं मानी गई 25 सितंबर के बाद वह अनशन शुरू करेंगे। विरोध प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र जायसवाल, मून सिंह, आशुतोष सिंह, विमल सहाय, सतीश सिंह, आशुतोष पाठक, मनीष सिंह, अंकुर कश्यप, विजेंद्र जायसवाल, आशीष सिंह, पंकज राय आदि मौजूद रहे।
पूर्वांचल की मंडियों में ठप हुई गिट्टी-बालू की पहुंच
सोनभद्र की खदानों से निकलने वाले गिट्टी-बालू की आपूर्ति समूचे पूर्वांचल की मंडियों में होती है। रोजाना एक हजार से अधिक ट्रकों का परिवहन होता है। ट्रक मालिकों के हड़ताल पर चले जाने से गिट्टी-बालू की ढुलाई ठप पड़ गई है। मंडी में दुकानदारों के पास जो पहले से माल उपलब्ध है। अभी उसी की बिक्री की जा रही है। हड़ताल के लंबा खींचने पर इसका व्यापक असर हो सकता है। मंडी में माल न पहुंचने से इसके दाम में भी वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। उधर, निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। गिट्टी-बालू के दाम में वृद्धि के अलावा सरकारी व निजी सभी तरह के निर्माण कार्य भी प्रभावित होंगे।
शासन के निर्देशानुसार ओवरलोड और बिना परमिट खनिज पदार्थ के परिवहन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसमें जो भी नियम विरुद्ध मिल रहा है, उस पर कार्रवाई हो रही है। किसी तरह के उत्पीड़न का आरोप निराधार है। विभाग बस अपना काम कर रहा है। -आशीष कुमार, ज्येष्ठ खान अधिकारी।
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