सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज आश्रम कारीडांड चपकी में इस बार जनजाति गौरव दिवस आदिवासियों के लिए ऐतिहासिक होगा। जो सपना वह वर्षों से देखते आ रहे हैं, आज वह पूरा होगा। दशकों से जोड़-कोड़ वाली वन भूमि के भौमिक अधिकार की लड़ाई में पीढ़ियां गुजर गईं। अब पुरखों का सपना पूरा होने जा रहा है। सूबे के मुखिया योगी 5100 वनवासियों को पट्टे का प्रमाण पत्र देकर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसे लेकर आदिवासियों में उत्साह है।
वन भूमि पर पट्टे के लिए आदिवासी-वनवासी समाज का संघर्ष करीब 50 वर्षों से चला आ रहा है। कोर्ट तक भी मामला पहुंचा। काफी जद्दोजहद के बाद वनाधिकार अधिनियम 2006 पारित भी हुआ तो उसके अनुपालन में भी करीब डेढ़ दशक बीत गया। इस बीच कई आदिवासी परिवार की पीढ़ियां बदल गई। जो जमीन उनके बाप-दादा के नाम पर होनी थी, अब बेटे और पोते के नाम होगी।
खास बात यह कि आदिवासियों का यह सपना महानायक बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरा हो रहा है। जनजाति गौरव दिवस पर सूबे के मुख्यमंत्री के हाथों पट्टा प्रमाण पत्र पाने के लिए वनवासी उत्साहित हैं। इसके पूर्व 19 मई को सेवाकुंज आश्रम में राज्यपाल ने संकेत दे दिया था। अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नवंबर में जितने भी वनवासियों के दावे किए गए हैं सभी पूरे कर लिए जाएं। प्रांत सह संगठन मंत्री आनंदजी ने बताया कि जनजाति गौरव दिवस पर 11000 पट्टे का वितरण करने का लक्ष्य था, लेकिन 5100 वनवासियों को वनाधिकार का पट्टा वितरण किया जाएगा।