रबी फसलों की बोआई के बीच खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट है। अंतरराज्यीय सीमा पर संचालित हो रही साधन सहकारी समितियों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं। किसानों को उनके खतौनी के मुताबिक ही खाद उपलब्ध कराने को कहा गया है।
खरीफ व रबी खेती के सीजन में बार्डर की समितियों पर खाद बिक्री को लेकर ज्यादा शिकायत मिलती रही है। खाद की कालाबाजारी होने की वजह से क्षेत्रीय किसानों को खाद न मिलने से अक्सर समस्या होती है। दूसरे प्रांत के लोग बार्डर से लगती समितियों से अधिक खाद उठान कर लेते थे। इससे समितियों पर खाद की किल्लत बढ़ जाती थी।
इसे ध्यान में रखते हुए सहकारिता विभाग अब अलर्ट हो गया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता मिहिर कुमार पात्र ने सभी बीडीओ को समितियों पर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। खासकर अंतरराज्यीय सीमा पर संचालित समितियों पर ध्यान देने को कहा है। निर्देशित किया कि वे पुलिस एवं एसआईबी की सहायता से अंतरराज्यीय सीमाओं पर सतर्कता बरतें। साथ ही प्रदेश के बाहर के किसानों को उनसे खतौनी लेकर ही खाद देने का निर्देश दिया। खतौनी से अधिक खाद देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यहां बार्डर पर संचालित हो रही समितियां
चार प्रांतों से लगती जिले की सीमा पर कुल 15 समितियां संचालित हो रही हैं। इसमें एमपी बार्डर पर सिरसाई, देवगढ़, कोरट व परसोई में समितियां हैं। बिहार से लगते बार्डर पर खलियारी और नौडीहा में, छत्तीसगढ़ से लगते बार्डर पर चकचपकी, चैनपुर, खोतोमहुआ, गोहड़ा, सागोबांध और झारखंड बार्डर से लगते सीमा पर विंढमगंज, पकरी, सलैयाडीह, कचनरवा और कोन में साधन सहकारी समितियां हैं। इन समितियों पर विशेष कर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद किसानों को आसानी से उपलब्ध हो और उसकी कालाबाजारी न हो इसके लिए समितियों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। खासकर अंतरराज्यीय सीमा पर संचालित 15 समितियों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कराने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए गए हैं। - मिहिर कुमार पात्र, एआर कोआपरेटिव, सोनभद्र।