सोनभद्र। म्योरपुर ब्लॉक के जरहां ग्राम पंचायत में 236 शौचालयों का धन आहरित करने और निर्माण न कराने के मामले की जांच डीएम एस. राजलिंगम ने शुरू करा दी है। डीपीआरओ आरके भारती के सत्यापन रिपोर्ट के बाद डीएम ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (वर्तमान एडीओ आईएसबी) शैलेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश दिया था। लेकिन बाद में मामले की फिर से जांच कराने के लिए शैलेंद्र ने डीएम को प्रत्यावेदन दिया था। इसमें सचिव ने कहा है कि उनके यहां 1981 शौचालयों का निर्माण 12 हजार रुपये प्रति शौचालय की दर से बनाने का लक्ष्य दिया गया था। फिर उसमें से कुछ शौचालय कट गए थे। एक हजार शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इस पर डीएम ने डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, एडीओ पंचायत म्योरपुर रामउदय यादव व स्वच्छ भारत मिशन के डीपीसी अनिल केशरी को दस दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इस बाबत डीडीओ ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जांच के लिए पांच टीम गठित कर दिया है। यह टीम ग्राम पंचायत में शौचालयों की नंबरिंग कर रही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने शौचालयों का निर्माण कराया गया और कितने का नहीं। उन्होंने बताया कि जांच टीम से दस दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। यह जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।