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Sonebhadra News: 14 घंटे 30 किमी तक रेंगते रहे वाहन, स्कूल नहीं पहुंच सके बच्चे, कर्मचारियों की ड्यूटी छूटी

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रेणुकूट। रीवा-रांची एनएच पर लगे 14 घंटे तक लगे भीषण जाम ने सोमवार को राहगीरों के छक्के छुड़ा दिए। हाथीनाला से बैरपान के बीच करीब 30 किमी की दूरी में वाहन रेंगते रहे। रविवार देर शाम से शुरू हुआ जाम दोपहर दो बजे तक बना रहा। अनपरा और हाथीनाला में बड़े वाहनों को रोककर पुलिस ने मार्ग का ट्रैफिक कम किया, तब जाकर थोड़ी राहत मिली। भीषण जाम के चलते बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके। कई स्कूलों ने छुट्टी कर दी। वहीं कर्मचारी-श्रमिक भी समय से काम पर नहीं पहुंच सके।
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रविवार शाम को नगर में दुलदुल का जुलूस निकला था। इस कारण ऐहतियातन बड़े वाहनों को कुछ देर के लिए नगर में प्रवेश से रोक दिया गया। इसी दौरान रास्ते में कई बड़े वाहन खराब होकर खड़े हो गए। इसके बाद तो जाम लगने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमा ही नहीं। दुलदुल के जुलूस के बाद पुलिस देर रात तक जाम छुड़ाने में ही लगी रही। तुर्रा चौराहे से रिहंद बांध के पुल तक 6-7 खराब हुए ओवरलोड वाहनों से स्थिति ज्यादा बिगड़ गई। देर रात किसी तरह जाम छुड़ाकर लौटे पुलिसकर्मी फिर से जाम लगने की सूचना पर सोमवार की सुबह ही मौके पहुंच गए। सुबह तक जाम कुवारी से मुर्धवा तक पहुंच गया, जो दोपहर तक बढ़ते हुए हाथीनाला से बैरपान तक जा पहुंचा। जाम को देख डीसी लेविस मेमोरियल स्कूल, संत एबीआर पब्लिक स्कूल, हिलारियस किड्स स्कूल समेत कई स्कूलों ने छुट्टी कर दी। अन्य स्कूलों के बच्चे भी सड़क पर स्कूल जाने के लिए परेशान दिखे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र से आए हजारों श्रमिक के वाहन भी जाम में फंस जाने से उनकी ड्यूटी छूट गई। आए दिन जाम लगने से लोग परेशान हो गए हैं। नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन को ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इन्हीं वाहनों के कारण जाम लग जा रहा है। ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा गया तो जाम से थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके अलावा हाथीनाला से औड़ी मोड़ तक फोरलेन बनाना भी जरूरी हो गया है।
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