चोपन ब्लॉक में चोपन से भरहरी गांव तक बन रही 39 किमी सड़क में अवैध खनन से सोलंग और गिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है।
चोपन का पश्चिमी इलाका काफी पिछड़ा है। कभी इस ब्लॉक के जुगैल, नेवारी, भरहरी, चतरवार, सेमियां, घोरिया समेत कई गांवों के लोग नाव से सोन नदी पार कर चोपन और फिर जिला मुख्यालय पहुंचते थे। शासन ने क्षेत्रीय लोगों की समस्या को देखते हुए चोपन नगर के बैरियर रोड से भरहरी गांव तक 39 किमी सड़क निर्माण कराने का फैसला लिया। 99 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। लेकिन सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी और सोलंग अवैध खनन की लगाई जा रही है। सड़क के किनारे साइड वाल का भी निर्माण लोकल बोल्डर-बालू से किया जा रहा। इतनी लंबी सड़क के निर्माण की मानीटरिंग भी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अफसर नहीं कर रहे। ओबरा डीएफओ अमरनाथ का कहना है कि उन्हें वन क्षेत्र में खनन की जानकारी नहीं है। क्षेत्रीय रेंजर से इस बारे में जांच कराकर रिपोर्ट ली जाएगी।