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जिले में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान

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सोनभद्र। जिले में संचालित साधन सहकारी समितियों पर एक सप्ताह से यूरिया की किल्लत बनी हुई है। इससे किसान धान की फसल में यूरिया का छिड़काव नहीं कर पा रहे है। बाजार में यूरिया महंगे दाम में बिकने से किसान परेशान है। वहीं जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि जिलाधिकारी स्तर से शासन को पत्र लिखकर 2000 मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड की गई है। जल्द ही यूरिया मिलने की उम्मीद है। जनपद में 62 साधन सहकारी समितियां संचालित की जा रही है। साधन सहकारी समितियों से ज्यादात्तर किसान डीएपी, यूरिया व अन्य रासायनिक उर्वरक उठान करके खरीफ एवं रबी की खेती करते है। इस वर्ष अच्छी बारिश होने से धान की नर्सरी डालने के साथ रोपाई भी समय से हो गई है। इस समय किसान धान की निराई करा रहे है। निराई करके धान के फसल में यूरिया का छिड़काव किया जाता है। लेकिन मौजूदा समय में जिले के सभी 62 साधन सहकारी समितियों पर एक सप्ताह से यूरिया की किल्लत बनी हुई है। इससे किसान निराई करने के बाद धान के फसल में यूरिया का छिड़काव नहीं करा पा रहे है। किसान अमरेश कुमार, ओमप्रकाश, तपेश्वर, श्रीकांत, सोमदत्त आदि का कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर वे एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे है। हर बार यूरिया न होने की बात कहीं जा रही है। धान के फसल में समय से यूरिया का छिड़काव नहीं हुआ तो धान की फसल खराब हो जाएगी। जिले के दुद्धी, म्योरपुर, विंढमगंज, बभनी सहित अन्य क्षेत्रों में यूरिया की कमी से किसान जूझ रहे हैं। इस समय धान व अन्य फसलों को खाद देने का अच्छा समय है। यदि समय पर फसलों को खाद नही दिया गया तो किसानों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संबंध में एआर कोआपरेटिव टीन सिंह का कहना है कि सरकारी गोदाम में भी यूरिया नहीं है। इसलिए समितियों पर यूरिया की किल्लत बनी हुई है। एक-दो दिन में यूरिया की रैक पहुंचने की संभावना है।
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