सोनभद्र। नगर के एक निजी अस्पताल में रविवार की रात प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। मामला अधिवक्ता से जुड़ा होने के कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी विरोध पर उतर आए। देर रात तक हंगामा चलता रहा। मामले में पुलिस ने दो निजी अस्पतालों के प्रबंधकों व चिकित्सकों समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया है। उधर, अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी दूसरे पक्ष पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए को तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कम्हारी गांव निवासी अधिवक्ता सतीश विश्वकर्मा की पत्नी संगीता गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार को दिन में परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में बढ़ौली चौराहे के पास मिले कुछ युवकों ने सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलने का हवाला देते हुए मरीज को पास के ही एक निजी अस्पताल ले गए। वहां लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। इसके बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई।
दो यूनिट खून मंगाया गया। आरोप है कि रक्तस्राव न रुकने का हवाला देते हुए बिना परिजनों की सहमति के प्रसूता को एंबुलेंस में सवार कर वाराणसी के एक निजी अस्पताल ले जाने को कहा गया। वहां रविवार को दोबारा ऑपरेशन किया गया। इसके कुछ देर बाद ही संगीता की मौत हो गई। परिजन शव लेकर देर रात राबर्ट्सगंज आए। निजी अस्पताल के सामने पहुंचकर हंगामा करने लगे। मामले की जानकारी हाेते ही अन्य अधिवक्ता भी वहां जुट गए। देर रात तक हंगामा चलता रहा।
मामले में तहरीर के आधार पर पुलिस ने राबर्ट्सगंज स्थित पंचशील अस्पताल के प्रबंधक, चिकित्सक और वाराणसी के मांधाता हास्पिटल के प्रबंधक और चिकित्सक सहित कुल चार पर केस दर्ज किया है। उधर, दूसरे पक्ष ने भी हंगामे के दौरान अस्पताल में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। इसकी तहरीर कोतवाली में दी है। देर रात तक पुलिस जांच में लगी रही।
रातभर चला हंगामा, सीएमओ के विरुद्ध नारेबाजी
अधिवक्ताओं ने साथी की पत्नी की मौत की सूचना पाकर जुटे अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। जिले में मानक विहिन अस्पतालों में हो रही मौतों को लेकर सीएमओ के विरुद्ध नारेबाजी की। हंगामा बढ़ते देख मौके पर सदर एसडीएम निखिल यादव, सदर सीओ संजीव कटियार, घोरावल सीओ अमित कुमार, एसीएमओ डॉ. आरजी यादव सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिवक्तओं को समझाने का प्रयास किया। रात तीन बजे तक हंगामे और नारेबाजी का क्रम चलता रहा। अधिकारियों के समझाने पर अधिवक्ता शव को मोर्चरी में रखवाने पर राजी हुए।
तीन चिकित्सकों ने किया पोस्टमार्टम
मामले में सीएमओ की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इसमें एसीएमओ, महिला रोग विशेषज्ञ और सर्जन शामिल हैं। उधर, तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार की दोपहर में पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। सीएमओ ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
प्रसूता की मौत के मामले में तहरीर के आधार पर दोनों अस्पतालों के प्रबंधक व चिकित्सकों समेत चार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। जांच चल रही है। - संजीव कटियार, सीओ सदर।