सोनभद्र जिले के एक बूथ पर पसरा सन्नाटा
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नगर के बढ़ौली चौराहा पर स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. रमाशंकर सिंह अपनी पत्नी जय लक्ष्मी सिंह के साथ सुबह ही राजकीय कन्या इंटर कॉलेज स्थित बूथ पर वोट देने पहुंचे थे। काफी देर तक लिस्ट खंगालते रहे, मगर लिस्ट में उनका नाम नहीं मिला। हाथ में मतदाता पहचान पत्र होने के बाद वह खुद को ठगा महसूस करते रहे। सेंट जोसेफ स्कूल की सिस्टर लिट्टी उच्च प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज पर वोट करने पहुंची थीं। उनका भी नाम मतदाता सूची में नहीं था। अपना आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र सहित पहचान के अन्य दस्तावेज दिखाती रहीं, बावजूद उन्हें वोट करने का मौका नहीं मिल सका।
शिवाजी मिनी स्टेडियम में वार्ड नंबर 11 के मतदाताओं के लिए बूथ बनाया गया था। यहां वोट देने पहुंचे बहुत से मतदाताओं को इसलिए रोक दिया गया कि उनके पहचान पत्र पर स्थानीय पता अंकित नहीं था। मतदाता सूची में नाम, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड सब होने के बाद भी कुछ प्रत्याशियों के एजेंट उन्हें बाहरी बताते हुए वोट देने से रोकते रहे। इसे लेकर काफी देर तक बहस होती रही। कुछ लोगों ने हंगामा भी मचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बूथ के पास लगी भीड़ को खदेड़ा।
नवसृजित अनपरा नगर पंचायत के मतदाताओं को नगर का चुनाव रास नहीं आया है। पहले चुनाव में मतदाताओं की उदासीनता का आलम यह रहा कि जिले की सबसे बड़ी यह निकाय सेकेंड डिविजन का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। दूसरे निकायों में जहां मतदाताओं की लंबी कतारें लगी थी तो यहां सन्नाटा पसरा था। अपराह्न तीन बजे तक यहां सिर्फ 31 प्रतिशत ही वोट पड़ पाया। अनपरा में कर्मचारियों व प्रबुद्ध वर्ग के मतदाताओं का बड़ा समूह है।