बसपा सरकार में बने आंबेडकर पार्क में गुलाबी पत्थरों की आपूर्ति से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने मिर्जापुर के एक व्यक्ति को नोटिस जारी कर संपत्ति का ब्योरा तलब किया है। 26 जुलाई तक ब्योरा देने को कहा गया है। जिस व्यक्ति को नोटिस दिया गया है, वह जिले के एक पूर्व विधायक का करीबी बताया जा रहा है। इस मामले में पूर्व विधायक को ईडी पहले ही नोटिस देकर तलब कर चुकी है।
लोकायुक्त की जांच में पता चला था कि मिर्जापुर के लाल पत्थरों को जयपुर का बताकर 1890 रुपये प्रति घन फीट की दर से आपूर्ति की गई थी। इस अनियमितता के लिए लोकायुक्त ने जिले के तत्कालीन सपा विधायक समेत 20 लोगों को आरोपी बनाया था। जांच के बाद वर्ष 2014 में डीएम ने विधायक की पत्नी के नाम सुकृत में संचालित पत्थर खदान का पट्टा निरस्त कर दिया था।
इस मामले में लोकायुक्त ने सोनभद्र के घोरावल से ही जुड़े दो अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आरोपी मानते हुए इनके पत्थर खदान का पट्टा निरस्त करने का आदेश दिया था। जांच आगे बढ़ी तो ईडी ने सपा विधायक के करीबी अदलहाट निवासी शख्स को आरोपी बनाया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहायक निदेशक जारुफ अहमद खान की ओर से जारी नोटिस में 26 जुलाई तक संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है।