- छह माह बाद भी किसी ने विद्यालयों की तस्वीर संवारने में नहीं दिखाई रुचि
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। जिले के परिषदीय स्कूलों को बेहतर संसाधनों और कायाकल्प के लिए शुरू कायाकल्प विद्याजंलि योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले के स्कूलों के लिए कोई भी राशि नहीं मिली है।
जिले में 2061 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जो बदहाली के शिकार हैं। इन स्कूलों में 19 बिन्दुओं पर कायाकल्प अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प में सिर्फ पंचायतों के माध्यम से उपलब्ध बजट से ही कार्य हो पाता है। ऐसे में भवन के निर्माण के इतर पंखा, वाटर कूलर सहित अन्य सुविधाओं का प्रबंध संभव नहीं हो पाता। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए शुरू कायाकल्प विद्यांजलि पोर्टल की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। स्कूलों को संवारने व हाईटेक बनाने में आड़े आ रही बजट की कमी को दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब छह माह पूर्व कायाकल्प विद्यांजलि प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस पोर्टल के माध्यम से देश के साथ ही विदेशों में बसे या व्यापार करने वाले भारतीय व अन्य लोग इस अभियान से जुड़कर स्कूलों की बेहतरी के लिए धनराशि दान कर सकेंगे। अब तक इस योजना में किसी ने कोई भी पहल नहीं किया है। विभागीय अफसरों की माने तो अभी तक बैंक में खाता भी नहीं खुल सका है।
स्कूलों को सबके सहयोग से बेहतर बनाने की पहल की गई है। हालांकि इसके लिए कोई भी आगे नहीं आया है। - हरिवंश कुमार, बीएसए