घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में बरसी पर जुलूस निकालते मृतक के परिजन।
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जमीन विवाद में हुई सामूहिक हत्याओं की तीसरी बरसी पर रविवार को उभ्भा गांव छावनी में तब्दील रहा। एडीएम और एएसपी के नेतृत्व में भारी फोर्स ने गांव में डेरा डाले रहा। गांव के चारों तरफ नाकेबंदी से कोई भी बाहरी प्रवेश नहीं कर सका। गांव में ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास पर एकत्रित होकर पीड़ित परिवारों ने घटनास्थल पर जाने की कोशिश की लेकिन अफसरों की सख्ती से उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। लिहाजा वह प्रशासन को ज्ञापन देकर लौट गए।
वर्ष 2019 में उभ्भा गांव में जमीन विवाद को लेकर गोंड जनजाति की चार महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले में 28 लोग घायल हुए थे। रविवार को तीसरी बरसी पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एक दिन पहले से ही खुफिया इकाई के माध्यम से गांव की निगरानी बढ़ा दी गई थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे। उभ्भा-कन्हारी मार्ग, प्राथमिक विद्यालय उभ्भा, घटनास्थल समेत तमाम जगहों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। एडीएम सहदेव मिश्रा, एएसपी विनोद कुमार, एसडीएम श्याम प्रताप सिंह, सीओ संजीव कटियार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, प्रभारी निरीक्षक गोपालजी, उभ्भा चौकी प्रभारी बालेंद्र यादव डटे रहे। आसपास के इलाके में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सुबह साढ़े 10 बजे अचानक हलचल तेज हुई। एक-एक कर 40 लोग कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के गांव स्थित आवास पर एकत्रित हो गए। इनमें मृतकों के परिजन भी शामिल थे। वह हाथों में अपने प्रियजनों की तस्वीर भी लिए थे। वहां से सभी ने घटनास्थल पर जाने की कोशिश की लेकिन मौके पर तत्काल तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, सीओ संजीव कटियार, प्रभारी निरीक्षक गोपालजी, उभ्भा चौकी प्रभारी बालेंद्र यादव वहां पहुंचे। सभी को प्राथमिक विद्यालय के पास रोक दिया गया। प्रशासन ने अपने-अपने घरों में बरसी व श्रद्धांजलि कार्यक्रम मनाने को कहा। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में उभ्भा कांड में मारे गए आदिवासियों के परिजनों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि उभ्भा कांड में शहीद 11 आदिवासियों की स्मृति में घटनास्थल पर शहीद स्मारक बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। शहीद स्मारक बनाने के साथ ही घटनास्थल पर सामुदायिक भवन बनाया जाए। शिक्षा, बिजली, सिंचाई, सुरक्षा सहित अन्य के लिए की गई घोषणाओं को शीघ्र पूरा किया जाए।