सोनभद्र। घोरावल ब्लाक में शिक्षकों के अवकाश मामले में गड़बड़ी से जुड़ी जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू हो गई है। एक माह से अफसरों के पास दबी पड़ी इस रिपोर्ट से जुड़ी खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद बीएसए ने रविवार को दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया। दोनों के चिकित्सा अवकाश में गड़बड़ी सामने आई थी। विस्तृत जांच के लिए चतरा और नगवां के बीईओ को नामित किया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी मनीष शुक्ल की ओर 15 सितंबर को घोरावल ब्लाक के कई स्कूलों की जांच की गई थी। इसमें ब्लाक के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी अवकाश का खेल उजागर हुआ था। प्राथमिक विद्यालय बरौली (सहुआर) में तैनात शिक्षिका स्वाति सिंह के रजिस्टर पर अंकित चिकित्सा अवकाश को कई तिथियों में लाल पेन से काटकर उपस्थिति बनाई गई थी। महीनों तक चिकित्सा अवकाश पर होने, फिर उपस्थिति बनाने और नियम विरुद्ध वेतन पाने के आरोपों पर बीएसए ने शिक्षिका स्वाति सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्हें प्राथमिक विद्यालय बकौली से संबद्ध किया गया है। वहीं बीईओ चतरा को जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा गया है। उधर, प्राथमिक विद्यालय भैरवां में तैनात शिक्षिका श्वेता मिश्रा के भी 17 दिसंबर से चिकित्सा अवकाश का फर्जी रिफरेंस नंबर लगाकर लगातार अनुपस्थित रहने और इसके बावजूद वेतन आहरित किए जाने को भी गंभीरता से लेते हुए निलंबित कर दिया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में प्राथमिक विद्यालय डोमहर से संबद्ध किया गया है। प्रकरण की जांच के लिए बीईओ नगवां को नामित किया गया है। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि वित्त एवं लेखाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दो शिक्षिकाओं को निलंबित किया गया है। मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट में उल्लिखित अन्य तथ्यों की भी जांच कराई जा रही है।