सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली से होकर यूपी के रास्ते बिहार तक बहने वाली सोन नदी में रविवार को डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। गंगा दशहरा पर हुई घटना से गांव में मातम छा गया।
बिहार सरकार के अनुरोध पर बाणसागर डैम से सोन नदी में पानी छोड़ा गया था। जलस्तर बढ़ने की सूचना दी गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने ध्यान नहीं दिया। गंगा दशहरा पर्व पर नदी के विभिन्न तटों पर लोग स्नान के लिए जुटे थे।
सिंगरौली के चितरंगी थाना क्षेत्र के खैरा फुलकेश गांव के समीप रविवार की सुबह सोन नदी में बच्चे रेत में खेल रहे थे। बाणसागर से पानी छोड़े जाने से पानी का तेज बहाव आ गया। यह देख रेत में खेल रहे अन्य बच्चे भागकर बाहर निकल गए।
वहीं दो बच्च्यिां परी द्विवेदी (7) व सौम्या द्विवेदी (5) पुत्री चंद्रपतिधर द्विवेदी पानी व रेत के बहाव में फंस गईं और दोनों की मौत हो गई। इसके बाद मौके पर परिजनों के साथ ग्रामीण पहुंचे। घटना की सूचना पुलिस को दी। शव का पंचनामा कर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पानी छोड़ने की सूचना को नजरअंदाज किया
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले पानी छोड़े जाने की थी सूचना प्रसारित कर तटवर्ती क्षेत्रों के रहवासियों को अलर्ट किया गया था। पुलिस ने बताया है कि बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने की सूचना दो दिन पहले चितरंगी तहसील क्षेत्र के लोगों को दी गई थी। ताकि नदी तट के आसपास जाने वाले पहले लोग सतर्क हो जाएं। मगर सूचना के बाद भी इस पर परिजनों ने ध्यान नहीं दिया और दर्जनभर की संख्या में बच्चे नदी के तट पर रेत में खेलने पहुंच गए। जिससे यह घटना घटित हो गई।