सोनभद्र। शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर जिले में दो मामलों में 25 लाख सात हजार से अधिक रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस जांच कर रही है।
दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के जाबर गांव निवासी अरविंद त्यागी को पिछले महीने एक फोन आया। फोन करने वाले ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के फायदे गिनाते हुए निवेश कराया। कई किस्ताें में दो लाख 32 हजार रुपये अकाउंट में ले लिए गए। इसके बदले अच्छा लाभ दिख रहा था। जैसे ही पैसा निकालने गया तो ठगी की जानकारी हुई। पीड़ित ने पुलिस में डाक के जरिए शिकायती पत्र दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। शक्तिनगर के एनटीपीसी काॅलोनी निवासी राजेश चौरसिया ने फेसबुक चलाते वक्त एक अनजान लिंक क्लिक कर दिया। वहां एक कंपनी में इन्वेस्टमेंट और ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर ठगों ने कुछ महीने के भीतर 22.75 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर पुलिस जांच में जुटी है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर पहले भी हुई है ठगी
इसी साल अगस्त में चुर्क क्षेत्र निवासी एक शिक्षक और उनकी शिक्षक पत्नी से ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 35 लाख ठग लिए थे। सिद्धी कला निवासी सौरभ मृत्युंजय को साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर ढाई लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस मामले में अज्ञात 33 नंंबरों के स्वामी और ठगों पर केस दर्ज का जांच में जुटी है। सदर कोतवाली इलाके के पुसौली गांव निवासी अर्जुन सिंह से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 48.90 लाख रुपये की ठगी हुई है। पिछले दिनों राॅबर्ट्सगंज निवासी दो व्यक्तियों पर बिहार निवासी पांच युवकों से ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 55 लाख ठगने का मामला सामने आया था। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
परिचित की व्हाट्सएप डीपी लगाकर 20 हजार रुपये की ठगी
कोन। साइबर ठगों ने कोन क्षेत्र के जन सेवा केंद्र संचालक को शिकार बनाया है। एक परिचित की व्हाट्सएप डीपी लगाकर उसे झांसे में लिया। फिर खाते में 20 हजार रुपये मंगाए। रुपये आने के बाद नंबर बंद कर लिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
नरहटी चांचीकला निवासी अविनाश जायसवाल कोन में जनसेवा केंद्र चलाते हैं। शुक्रवार की सुबह कोन के ही व्यक्ति की तस्वीर लगी व्हाट्सएप से अविनाश को मेसेज आया। क्यूआर कोड भेजकर तीस हजार रुपये देने की बात लिखी। परिचित दुकानदार व पहले से लेनदेन करने के कारण मेसेज पर विश्वास कर अविनाश ने 20 हजार रुपये भेज दिए। जब काफी समय बाद भी दुकान पर नकद लेकर कोई नहीं पहुंचा तो अविनाश ने संबंधित दुकानदार के पास जाकर पैसा मांगा। उसने कोई पैसा न मांगने की जानकारी दी। क्यूआर कोड को स्केन करने पर रवि शर्मा का नाम आ रहा है। पीड़ित ने साइबर सेल में ऑनलाइन मुकदमा दर्ज करा दिया है।