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Sonebhadra News: 460 सड़कों के गड्ढे भरने में खर्च हुए दो करोड़, फिर भी हिचकोले खा रहे लोग

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सोनभद्र। सड़कों की गड्ढामुक्ति का काम पूरा हो चुका है। पीडब्ल्यूडी ने दो करोड़ रुपये खर्च कर 460 सड़कों के गड्ढे भरे हैं। जिन सड़कों के गड्ढे भरने का दावा किया जा रहा है, उस पर राहगीर अब भी हिचकोले खाने को विवश हैं। गड्ढों को भरने के नाम पर कहीं काेरमपूर्ति की गई है तो कहीं कुछ गड्ढों को ही भरकर छोड़ दिया गया है।
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आम लोगों को आवागमन में सहूलियत प्रदान करने के मकसद से मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले सभी सड़कों को गड्ढे भरने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी की ओर से जिले की 460 सड़कों का चयन कर गड्ढामुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया। इसके लिए दो करोड़ रुपये मंजूर भी हो गया। जोर-शोर से काम तो हुआ, लेकिन कई सड़कों पर सिर्फ कोरम पूरा होने से गड्ढे नहीं भरे जा सके। नतीजा इन सड़कों पर लोग अब भी हिचकोले खाने को विवश हैं।
राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय पर ही उरमौरा से लोढ़ी होते हुए बहुअरा को जाने वाली सड़क के गड्ढे भरे गए थे, लेकिन उरमौरा से लोढ़ी के बीच ही कई जगह गड्ढे अभी भी हैं। लोढ़ी स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के पीछे से पेटराही, गोरडीहा होते हुए बढ़ौली जाने वाली सड़क पर भी कई जगह गड्ढे हैं। इस मार्ग पर दस दिन पहले गड्ढा मुक्ति का कार्य कराया गया था।
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राबर्ट्सगंज में चंडी तिराहा से पकरी रोड, न्यू कॉलोनी को जाने वाली सड़क का भी ऐसा ही हाल है। इसके अलावा घोरावल-राबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर भी कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं। नगर में फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन पर उरमौरा, सोमनाथ मंदिर के समीप, बढ़ौली चौराहा सहित कई स्थानों पर गड्ढे अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। हाईवे से चुर्क को जाने वाली सड़क पर मरम्मत कार्य के बाद कई जगह गड्ढे बन गए हैं। इसी तरह औड़ीमोड़-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर भी कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बरकरार हैं।
एनएच से लगे कई लिंक मार्ग जर्जर
दुद्धी। क्षेत्र के नेशनल हाइवे समेत कई लिंक मार्ग काफी जर्जर हैं। इससे क्षेत्रवासियों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुद्धी-अमवार मार्ग, दुद्धी-म्योरपुर मार्ग, जाबर, धनौरा, खजुरी, दिघुल, रन्नू, महुअरिया, रजखड़, बीड़र गांव के मार्ग जर्जर हो चुके हैं। लिंक मार्ग पर जगह-जगह से बने पिच गायब हैं। कई गांव के लिंक मार्ग की जर्जर सड़क पर गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। धनौरा निवासी निर्मल कुमार, सुजीत कुमार ने कहा कि सड़क बने तीन वर्ष हो गए हैं। पूर्व में मरम्मत के नाम पर मिट्टी व पत्थर डालकर खानापूर्ति किया गया है।
गड्ढा मुक्ति अभियान के तहत 460 सड़कों पर कार्य कराया गया है। कुछ जगहों पर कार्य कराने के बाद स्थानीय लोगों की ओर से मनमाने ढंग से सड़क खाेदने की शिकायतें आई हैं। उसे दुरुस्त कराया जाएगा। जो सड़क मरम्मत योग्य है, उसके लिए अलग से कार्य कराया जाएगा। - शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड।
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