सोनभद्र। चोरी के 21 वर्ष पुराने मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने दो दोषियों को सजा सुनाई। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए उन पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर जेल में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं एक अन्य आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर निवासी रामदेव तिवारी ने कोतवाली दुद्धी ने दी तहरीर में अवगत कराया था कि 10 मार्च 2002 को सुबह देखा कि चार बक्से और चार अटैची तोड़कर फेंके गए थे। आलमारी भी तोड़ी गई थी। सारा सामान गायब था। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर चोरी की थी। तहरीर पर अज्ञात पर केस दर्ज कर मामले की विवेचना की गई। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी भंवर सिंह निवासी धौरहवा थाना बीजपुर और सुनील सेठ निवासी कमासिन थाना बाघराय प्रतापगढ़ हाल पता तुर्रा पिपरी को दोषी पाया। कोर्ट ने भंवर सिंह को 7 वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं सुनील सेठ को 3 वर्ष की कैद व 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर डेढ़ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। एक आरोपी कन्हैया दोषमुक्त करार दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस की।