सोनभद्र। मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। सोमवार की रात तेज हवाओं के साथ बदले मौसम में बारिश ने ठंड में इजाफा किया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। इससे फसलों को भारी क्षति पहुंचने का अनुमान है। दूसरी ओर बारिश ने आम जनजीवन पर भी असर डाला है। सड़कों पर कीचड़-फिसलन के बीच आवागमन में राहगीरों को फजीहत हुई तो कई जगह जलभराव ने मुश्किल बढ़ाई। बारिश से फाल्ट के कारण बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
फसलों पर असर : बट-बंतरा में ओले गिरे, तेज हवाओं से भी क्षति
मंगलवार की भोर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। करीब 20 मिनट तक हुई बारिश के दौरान मधुपुर क्षेत्र के बट और बंतरा गांव में ओले भी गिरे। मटर के दानों के बराबर गिरे ओलों से सभी तरह की फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, तेज हवाओं से फसलों के फूल झड़ने से भी पैदावार पर असर पड़ेगा।
उप निदेशक कृषि जयप्रकाश के मुताबिक इस बारिश से सभी तरह की फसलों को फायदा ही पहुंचा है। गेहूं, चना, सरसों की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बारिश के बाद मौसम साफ होने से पौधों का विकास तेजी से होगा। जहां ओले गिरे हैं, वहां नुकसान हो सकता है। इस बारे में कर्मचारियाें से रिपोर्ट मांगी गई है।
बिजली : पोल और तार टूटे, बाधित रही सौ से अधिक गांवाें की आपूर्ति
बारिश के दौरान तेज हवाओं से कई जगह पेड़ गिरने से तार और पोल धराशाई हुए हैं। इससे बिजली व्यवसथा भी बाधित हुई है। मधुपुर उपकेंद्र के चारों फीडर से आपूर्ति सुबह ठप हो गई थी। मरम्मत के बाद शाम 4 बजे तक डोंगिया व गौराही फीडर से आपूर्ति शुरू हो गई थी। मधुपुर व नागनार हरैया फीडर से जुड़े गांवों में शाम तक आपूर्ति बाधित रही। राबर्ट्सगंज डिविजन के सौ से अधिक गांवों में बिजली व्यवस्था फाल्ट के कारण प्रभावित हुई। उधर, दुद्धी में भी बारिश के चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुबह से दोपहर तक चार घंटे रोस्टिंग के चलते कटौती हुई तो इसके बाद फाल्ट सुधारने के लिए आपूर्ति बंद करनी पड़ी। बभनी, म्योरपुर, नगवां, चतरा व करमा क्षेत्र में भी लोकल फाल्ट से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
स्वास्थ्य: सर्दी-खांसी के मरीज बढ़े, सावधानी बरतने की सलाह
मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव सेहत को प्रभावित कर रहा है। सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खरास सहित मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल सहित अन्य ग्रामीण व निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले 60-70 फीसदी मरीज इन्हीं बीमारियों के हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि कभी सर्दी तो कभी गर्मी से लोग बीमार हो रहे हैं। स्वस्थ रहने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गुनगुने पानी का नियमित सेवन करते रहें। ज्यादा मसालेदार व तला-भूना खाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों पर खास ध्यान दें। सर्द हवाओं में उन्हें ढककर रखें।
आवागमन : सड़कों पर कीचड़-फिसलन ने बढ़ाई मुश्किल
बारिश के बाद जिले की सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है। राबर्ट्सगंज नगर में सर्विस लेन पर मंडी समिति के सामने, सोमनाथ मंदिर के पास सहित कई जगह पानी लगने से राहगीर परेशान रहे।
नाला खोदाई के लिए सड़क पर निकाली गई मिट्टी बारिश के बाद कीचड़ बनकर पूरे रास्ते में फैल गई, इससे राहगीर फिसलते रहे। मोहल्लों और कॉलोनियों की सड़कों पर गड्ढों में पानी भरने से आवागमन में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, अनपरा, शक्तिनगर, रेणुकूट, चोपन क्षेत्र में सड़क पर बिखरी राख और गिट्टी के कारण बारिश में फिसलन बढ़ गई। पैदल और दो पहिया सवार इस पर फिसलकर चुटहिल हुए।
बिजली गिरने से पांच पशुओं की मौत
बीजपुर। म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के जरहा, महुली, सिंदूर और नेमना ग्राम पंचायतों में बारिश के बीच बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत हो गई। जरहा गांव के टोला इमली डाड़ निवासी अशोक गुर्जर के घर के पीछे पेड़ से भैंस बंधी थी। पेड़ पर बिजली गिरने से भैंस भी इसकी जद में आई, जिससे उसकी मौत हो गई। पशु चिकित्सक डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि सिंदूर, महुली, जरहा, नेमना आदि गांवों में चार बैल व एक भैंस की बिजली गिरने से मौत हुई है। उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
मनजीत, जीवन नगर