सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में आदिवासी किशोरी को अगवा कर राजस्थान में बेचने और जबरन शादी कराने का मामला सामने आया है। पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है। एसपी डाॅ. यशवीर सिंह को दिए शिकायती पत्र में कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी (14) अगस्त के दूसरे सप्ताह में शाम को खाना बना रही थी। इसी दौरान वह कहीं चली गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। कुछ दिन पूर्व दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया। जिसपर दो व्यक्ति और उनकी लापता बेटी ने बात की। फोन करने वाले ने बताया कि वह राजस्थान से बोल रहा है। उसकी पुत्री को 2.70 लाख में सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी एक महिला से खरीदा है, लेकिन बेचते वक्त उसने इसे अपनी बेटी बताया था। बाद में पता चला कि वो दूसरी लड़की है। आरोप है कि लड़की को वापस मांगने पर मोबाइल बंद कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने रीमा और दो अन्य लोगों पर अपहरण, लड़की को बेचने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। सदर कोतवाल लक्ष्मण पर्वत ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। जांच चल रही है।
शादी के लिए बनवा दिया फर्जी आधार
लड़की के पिता ने बताया कि अपहर्ताओं ने उसे करीब एक सप्ताह अपने घर पर ही रखा। इसके बाद सौदा तय होने पर शादी के लिए राजस्थान ले गए। वहां एक मंदिर में उसकी शादी रचा दी गई। शादी के लिए फ़र्जी आधार कार्ड भी तैयार कराया गसा, जिसमें नाबालिग की उम्र में पांच साल की वृद्धि की गई है। घटना को करीब डेढ़ माह बीत गए हैं।