वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग के किनारे गिराई गई राख अब ट्रांसपोर्टर समेटने लगे हैं। अमर उजाला में खबर छपने के बाद एनटीपीसी प्रबंधन के सख्त रुख के बाद ट्रांसपोर्टरों ने सक्रियता बढ़ी है।
ऊर्जांचल के रहवासी राख व कोयले से उत्सर्जित प्रदूषण से बेहाल हैं। ओवरलोड राख परिवहन ने स्थिति भयावह कर दी है। इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए अमर उजाला ने एक से चार दिसंबर तक लगातार खबरें प्रकाशित की। इसके बाद पावर प्रबंधन के रूख में बदलाव आया। अधिकारियों के निर्देश पर शक्तिनगर व रेणुकूट के बीच हाईवे किनारे जंगलों में ट्रक ट्रेलरों से गिराई गई राख उठाने का कार्य शनिवार को शुरू हो गया। पावर प्रबंधन के दबाव में बिखेरी गई राख को ट्रांसपोर्टर खुद हटाने लगे। हालांकि पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन इसे अभिनव पहल बता रहा है। एनटीपीसी शक्तिनगर की कार्यपालक जनसंपर्क रिंकी गुप्ता ने कहना है कि अनपरा और रेणुकूट सड़क मार्ग पर सड़क किनारे पड़ी हुई राख की सफाई कराई गई है। यह किसी भी पावर प्रोजेक्ट की ओर से सड़क किनारे पड़े राख निस्तारण के लिए किया जाने वाला प्रथम एवं स्वागत योग्य प्रयास है।