शक्तिनगर। नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे राख परिवहन से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में क्षेत्र के व्यापारी शनिवार को थाने पहुंचे। व्यापारियों ने पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस को सामूहिक ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी और रहवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। व्यापारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश बॉर्डर से कोटा रहवासी क्षेत्र, शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर मार्ग और पीडब्ल्यूडी मोड़ (राजीव गांधी मार्केट) होते हुए ओवरलोड राख का परिवहन किया जा रहा है। इससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों, व्यापारियों, स्कूली बच्चों, श्रमिकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। ट्रक-ट्रेलरों में भरी गीली राख सड़क पर गिरती है। सूखने के बाद वाहनों के गुजरने से राख उड़ने लगती है और धूल का गुबार छा जाता है। इससे राहगीरों को आगे तक देखने में परेशानी होती है। व्यापार मंडल अध्यक्ष अयोध्या गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, लेकिन प्रबंधन के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यापारी वेद प्रकाश मिश्रा ने कहा कि दुकानदारों और ग्राहकों के साथ दुकानों में रखे सामान पर भी राख की परत जम रही है। व्यापारियों ने मांग की कि सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के साथ राख का मानकों के अनुसार परिवहन कराया जाए। नियमित पानी का छिड़काव और सड़कों की सफाई भी कराई जाए। एसओ सत्येंद्र राय ने बताया कि व्यापारियों का ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा। अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।