सोनभद्र। हाथीनाला बायो डायवर्सिटी पार्क में पर्यटन सुविधाओं का विकास तेज हो गया है। करीब दो करोड़ रुपये से पार्क का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। इसमें पर्यटकों के लिए पाथ वे, नेचर ट्रेल, ट्रेकिंग, बंबू वॉल, वाच टावर प्रमुख हैं। घने जंगलों के बीच यह स्थल विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए भी काफी अहम है। रांची-रीवा मार्ग पर रेणुकूट वन प्रभाग के अंतर्गत हाथीनाला में स्थित बायो डायवर्सिटी कई विविधताओं से भरा है। यहां दुर्लभ प्रजातियों के वृक्ष के अलावा उन्हें उनके वैज्ञानिक पहचान के साथ संरक्षित किया गया। पर्यटकों को लुभाने के लिए विभाग ने 1.99 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इससे ईको टूरिज्म के तहत पार्क में मेन गेट, बंबू कैंटीन, पाथ वे, बंबू व रॉक बेंच, दो वाच टावर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों के खेलने के लिए झूला, टायर वाल आदि की भी व्यवस्था की है। चार हजार हेक्टेयर में फैला यह जंगल ट्रैकिंग के लिए भी काफी मुफीद है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने बताया कि यह हाॅट स्पाट घने जंगलों के बीच स्थित है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता अद्भुत है। अंग्रेजों के समय से स्थापित गेस्ट हाउस भी है। इस पार्क को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। नाले के दोनों ओर रिटेनिंग वाल, पर्यटकों के लिए ठंडा जल उपलब्ध कराने के लिए चार वाटर कूलर, पार्क में पानी की व्यवस्था के लिए बोरिंग पाइप लाइन बिछाने, सुरक्षा फेंसिंग कार्य, दो वाॅकवे-ब्रिज, इंटर प्रिटेशन सेंटर, बंबू रिसेप्सन सेंटर, नेचर ट्रेल, स्ट्रीट लाइट आदि कार्य भी कराया जा रहा है। यहां जंगल का नजारा देखने के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर व्यवस्था की गयी है। साथ ही पार्क में एडवेंचर गेम भी मौजूद है। इसमें जीप लाइन, रोप वाक, स्टेप वाक आदि शामिल है। बर्ड वाच के लिए भी यह अनुकूल है।