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कागजों में ही बन गया टॉपर्स का गौरव पथ

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बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स के घर तक गौरव पथ बनवाकर घरवालों को गौरवान्वित करने का प्रस्ताव फाइलों में ही दबकर रह गया है। दो साल बीतने के बाद भी टॉपर गौरव के घर तक पक्का संपर्क मार्ग नहीं बन पाया है। घर और गांव के लोग आज भी सरकार की घोषणा के मूर्त रूप लेने का इंतजार कर रहे हैं। समय के साथ उनकी उम्मीदें भी टूटने लगी हैं। प्रदेश के छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम गौरव पथ योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत जिले में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं के घर तक सड़क का निर्माण कराया जाना था। वर्ष 2019 में जिले में टॉप करने वाले छात्र गौरव सिंह के गांव में सड़क अब तक नहीं बनी है। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से सटे पुसौली गांव के प्रभापुरम कालोनी निवासी गौरव सिंह के पिता रेलवे कर्मचारी हैं जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में कार्यरत हैं। गौरव सनबीम स्कूल मुगलसराय के छात्र थे। सोनभद्र में पैतृक गांव होने की वजह से छात्र गौरव सिंह के गांव पुसौली में उनके घर तक 0.70 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जाना था, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
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