दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शादी से तीन दिन पहले युवती की मौत से लोग सन्न रह गए। शादी से चार दिन पहले अचानक युवती की तबीयत बिगड़ी और अगले दिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एक मई को युवती की शादी होनी थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। बेटी की डोली सजाने की तैयारी में जुटे परिजन उसकी अर्थी उठने पर बेहाल नजर आए।
धनौरा गांव निवासी लालबहादुर की बेटी पूजा (20) की शादी म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवक से तय थी। एक मई को बरात आनी थी। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में लगे थे। इस बीच बृहस्पतिवार की शाम को अचानक पूजा की तबीयत खराब हो गई। सिर चकराने और कान में तेज दर्द की शिकायत पर परिजन स्थानीय अस्पताल ले गए। उपचार के बाद भी हालत में कोई सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतका पूजा की दादी कबूतरी देवी ने बताया कि शनिवार को हल्दी-मंडप की रस्म होनी थी। पूजा की अचानक मौत से कुछ समझ नहीं आ रहा कि अब हम क्या करें।
ओबरा तापीय परियोजना में कार्यरत जेई का शव संदिग्ध हाल में मिला है। वह शुक्रवार की सुबह ड्यूटी के लिए निकले थे और देर रात परियोजना के समीप इंदिरा नगर इलाके में मृत पाए गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। मूल रूप से मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना अंतर्गत बड़ा बागीचा तिराहा निवासी धनंजय (36) पुत्र गरीबदास ओबरा तापीय परियोजना में अवर अभियंता (जेई) के पद पर कार्यरत थे।
वह परियोजना परिसर स्थित आवास में रहते थे। शुक्रवार की सुबह वह आवास से ड्यूटी के लिए निकले थे। रात करीब साढ़े नौ बजे परियोजना के समीप इंदिरा नगर इलाके में लोगों ने झाड़ियों के समीप शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मृतक की जेब से मिले कागजात के आधार पर पहचान धनंजय के रूप में हुई। मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए है। एसओ मिथिलेश मिश्र ने बताया कि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पिता गरीबदास की तहरीर पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर कुछ स्पष्ट हो सकेगा।