छह वर्ष पूर्व घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामले में एक गवाह के पक्षद्रोही होने के बाद भी कोर्ट ने पीड़िता के बयान को आधार मानते हुए दोषी को सजा सुनाई। अभियोजन के मुताबिक दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने सात मई 2018 को प्रार्थना पत्र देकर बेटी (15) के साथ छेड़खानी का केस दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई के दौरान एक गवाह अपने बयान से मुकर गया।
उसने घटना के दौरान किशोरी के भागकर अपने घर में आने और छेड़खानी की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। बावजूद कोर्ट ने साक्ष्यों और किशोरी के मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान को आधार बनाकर दोषी युवक को पॉक्सो एक्ट में तीन वर्ष के सश्रम कैद व कुल 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि से आठ हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।