सोनभद्र। लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए खोले गए जन औषधि केंद्र फेल साबित हो रहे हैं। जिले में खुले तीन जन औषधि केंद्र बंद हो चुके हैं तो कई पर दवाओं का स्टॉक ही नहीं है। बिक्री न होने से उन्हें भी बंद करने की नौबत आ गई है। जो केंद्र सरकारी अस्पतालाें के पास स्थित हैं, उनकी दवाएं डॉक्टर नहीं लिखते। मरीजों को दूसरी दुकानों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
आदिवासी बहुल जिले के लोगों को सस्ता उपचार मुहैया कराने के मकसद से जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू कराया गया था। शुरुआत में इसका जोर-शोर से प्रचार हुआ। नतीजा कई लोग इसके संचालन के लिए आगे आए। देखते ही देखते जिले में करीब 15 जन औषधि केंद्र खुल गए। इसमें कुछ स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुले तो कई का बाजारों में संचालन शुरू हुआ। दवाओं की प्रतिस्पर्धा में ये केंद्र लंबे समय तक टिक नहीं सके। वर्तमान समय में नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक विभिन्न कारणों से तीन केंद्र बंद हो चुके हैं तो कई बंद होने की कगार पर हैं। केंद्रों से अपेक्षित मात्रा में दवाओं की बिक्री नहीं होने से संचालक अपने हाथ खड़े कर रहे हैं। अधिकतर चिकित्सकों के अपने तय मेडिकल स्टोर हैं। इसके साथ ही दवा कंपनियों से उनके कमीशन भी निर्धारित हैं।
यहां बंद हो गए केंद्र
सीएचसी घोरावल परिसर में कुछ माह पूर्व जन औषधि केंद्र खोला गया था, जो करीब एक महीने से बंद है। इसका प्रमुख कारण चिकित्सकों की ओर से जन औषधि की दवाएं न लिखना है। इसके अलावा घोरावल बाजार में संचालित जन औषधि केंद्र बिक्री न होने के कारण कई महीनों से बंद है। कोन बाजार में भी खोले गए केंद्र पर बिक्री न होने के कारण बंद हो चुका है। इसका लाइसेंस भी सरेंडर कर दिया गया है। म्योरपुर में दवाओं की कम बिक्री के कारण केंद्र अधिकांश समय बंद रहता है।
यहां अभी संचालन का इंतजार
सहकारी समितियों की ओर से भी जन औषधि केंद्र का संचालन किया जाना है। औषधि विभाग की ओर से लाइसेंस भी उपलब्ध करा दिया गया है। केकराही, औराही मोड़ और विंढमगंज में केंद्र खुलने हैं। हालांकि बिलिंग न होने के कारण अभी यहां दवाएं नहीं पहुंच सकी है।
संचालकों ने कहा: बिक्री नाम मात्र
पहले की बिक्री के सापेक्ष अब बिक्री करीब आधी हो गई है। कई बार जन औषधि की दवाएं खराब बताकर वापस लौटा दी जाती हैं। लोग बाहर के मेडिकल स्टोरों से अधिक दवाएं खरीदते हैं। बिक्री न होने से भारी मात्रा में दवाएं एक्सपायर हो जाती हैं। - राजेंद्र कुमार, संचालक जन औषधि केंद्र जिला अस्पताल।
ये केंद्र अभी दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं
जिले में करीब दस केंद्र अभी दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसमें जिला अस्पताल परिसर, केकराही, म्येारपुर सीएसची: राबर्ट्सगंज रोडवेज, चोपन बाजार,शक्तिनगर एनसीएल परिसर, एनटीपीसी बीजपुर कैंपस, सीएचसी दुद्धी, अनपरा बाजार, दीपनगर राबर्ट्सगंज, एमसीएच विंग राबर्ट्सगंज शामिल हैं। हालांकि इनकी बिक्री 50 फीसदी तक कम हो गई है। समय से दवाओं की आपूर्ति में कमी भी इसका प्रमुख कारण है।
जन औषधि केंद्रों से दवाएं लिखने के लिए लगातार चिकित्सकों को निर्देशित किया जाता रहा है। जांच में जो भी लापरवाही करते मिले। उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।