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आसरा आवास छोड़ने वालों ने राबर्ट्सगंज में जमीन की मांग की

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चुर्क। नगर में स्थित आसरा आवास कुछ परिवारों द्वारा छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने उनकी सुधि ली है। बुधवार को अमर उजाला में 29 परिवार के आवास छोड़ने की खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी राबर्ट्सगंज स्थित धर्मशाला रोड पर कम्हारी गांव में संबंधितों से मिलने पहुंचे। उन्होंने संबंधित परिवारों से वार्ता की। सरकारी आसरा आवास छोड़ने वाले परिवार का कहना था कि उनका राशन कार्ड राबर्ट्सगंज का है जबकि उन्हें चुर्क में आवास दिया गया है। इसलिए उनको राशन लेने में दिक्कत होती है। इस पर डीएसओ ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनका कार्ड चुर्क ग्राम पंचायत में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे उन्हें दिक्कत नहीं होगी। फिर लोगों ने राशन कार्ड में बच्चों का नाम जोड़वाने के लिए कहा तो डीएसओ ने सभी बच्चों का आधार कार्ड मांगा। लेकिन उनके पास बच्चों का आधार कार्ड नहीं था। इस पर सभी का आधार कार्ड बनवाने का आश्वासन डीएसओ ने दिया। फिर उन्होंने आसरा आवास में चलने के लिए संबंधितों से कहा तो संबंधितों ने यह कहकर वहां जाने से इनकार कर दिया कि उन्हें चुर्क में बांस मिलने में दिक्कत होती है। इससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। लिहाजा उन्हें राबर्ट्सगंज में ही धर्मशाला रोड पर उनके पुराने जगह के आसपास जमीन दी जाए, ताकि उनका रोजगार चल सके। डीएसओ ने संबंधितों की समस्या का सुना और उन्हें उनके विभाग से जुड़ी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। डीएसओ ने बताया कि संबंधित लोगों की समस्या उन्होंने सुनी है। इसकी रिपोर्ट बनाकर वे डीएम को सौंपेंगे। बता दें कि करीब एक माह पूर्व डीएम एस. राजलिंगम ने धर्मशाला पर कम्हारी गांव में रहने वाले एक वर्ग के लोगों को चुर्क में स्थित आसरा आवास आवंटित कर उन्हें वहां रहने की अनुमति दे दी थी। लेकिन अब उसमें से 29 परिवार ने आवास छोड़ दिया है। उनका आरोप है कि आवास में रहने से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। उनकी रोजी रोटी नहीं चल पा रहा है। डीएसओ से वार्ता के दौरान उमेश, राधे, संतोष, बुलबुल, लवकुश, खेलावन, साधे, रमेश, ललन, शारदा, चुलबुल शामिल रहे।
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