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सीमावर्ती इलाकों में दवा कारोबार होगी विशेष निगरानी

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बिहार में शराब बंदी व यूपी पुलिस की ओर से शराब तस्करों पर नकेल कसने के बाद सीमावर्ती जिलों से कफ सिरप सहित अन्य नशीली दवाओं की बिहार में तस्करी के मामले बढ़ गए हैं। ऐसे में शासन के निर्देश के बाद अब सोनभद्र व चंदौली में दवा के कारोबार पर विशेष निगरानी होगी। दवा के गोदामों व दुकानों की जांच होगी। निर्धारित मात्रा से अधिक दवाएं मिलने पर कार्रवाई होगी।
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बिहार में शराब बंदी व तस्करों पर यूपी पुलिस के नकेल कसने के बाद नशे के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। कफ सीरप का इस्तेमाल किए जाने का मामला भी सामने आया है। पूर्व में वाराणसी, मुगलसराय सहित अन्य स्थानों पर छापा मारकर कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी गई। जांच में सोनभद्र, चंदौली सहित अन्य जिलों से बिहार में कफ सिरप भेजने की बात सामने आई।
उप आयुक्त एके जैन ने सोनभद्र व चंदौली में दवा के कारोबार पर विशेष निगरानी का निर्देश दिया है। औषधि निरीक्षकों की टीम इस पर निगरानी रखेगी। जांच में कोडिन युक्त सिरप व अन्य नॉरकोटिक्स दवाओं के निर्धारित मात्रा से अधिक मिलने पर कार्रवाई होगी। बिना डाक्टर के कफ सिरप देने व एक व्यक्ति को एक से अधिक संख्या में यह सिरप देना भारी पड़ सकता है।
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बिना पंजीकृत मेडिकल पर धड़ल्ले से हो रही बिक्री
भले ही दवाओं के अवैध कारोबार पर नियंत्रण का दावा होता रहा है, मगर जिले में नगरीय इलाकों से लेकर सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों तक कफ सीरप सहित अन्य प्रतिबंधित दवाओं का धंधा चल रहा है। बड़ी तादाद में ऐसे संचालक है, जिनके पंजीकरण नहीं हैं। बिना डाक्टर के सलाह के भी कफ सीरप उपलब्ध कराई जा रही है।
शासन स्तर से कोडिन युक्त सिरप व नॉरकोटिक्स दवाओं का स्टॉक निर्धारित किया गया है। निर्देश के बाद पहले से जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद होने के साथ ही कानूनी कार्रवाई होगी। - सुनील कुमार ड्रग इंसपेक्टर।
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