रेणुकूट। पिपरी में स्थित रिहंद बांध के दीवार में पड़ चुकी दरारों कि भराई के कार्य में घोर लापरवाही व भ्रष्टाचार की जांच शनिवार को तीन सदस्यीय टीम करेगी। बांध में दीवार की मजबूती प्रदान करने के लिए शासन से 44 करोड रुपए की कार्य योजना स्वीकृत की गई थी, जिसे सिंचाई विभाग ने कराया है। कार्य में लापरवाही व भ्रष्टाचार के संबंध में पिपरी निवासी प्रवीण कुमार पांडेय ने जल विद्युत निगम के अध्यक्ष को पत्र भेजकर शिकायत की थी। कार्यों के विरुद्ध सही कार्य न कराए जाने की शिकायत के आधार पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता रामविलास यादव को प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए लखनऊ स्थित कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया था। भ्रष्टाचार की शिकायत के बावजूद अधिशासी अभियंता के स्थानांतरण के बाद सहायक अभियंता अजय कुमार पांडेय ने बैक डेट में करीब 19 करोड़ 59 लाख के बीजकों को सत्यापित कर फंड निर्गत के लिए लखनऊ प्रेषित कर दिया। भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद भी अधिकारियों की मिलीभगत से दो करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान भी जनवरी 2019 में कर दिया गया। इस मामले में आरोपी अधिकारी सिविल खंड के एसडीओ पर ओबरा विधायक संजीव गोंड ने भी 16 दिसंबर 2019 को पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बावजूद अधिकारी पर अब तक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।