सोनभद्र। जिले में आए दिन हो रहे भूमि विवाद को देखते हुए प्रशासन की तरफ से अभियान चला कर जमीन की नापीजोखी करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत चार तहसीलों में फोर्स के साथ राजस्व कर्मी मौके पर जाकर विवादित भूमि की नापजोख कर विवादों का निस्तारण करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग सभी एसडीएम को सौंपी गई है। प्रत्येक माह जिले के चारों तहसीलों और 22 थानों में आयोजित होने वाले समाधान दिवस में सबसे ज्यादा भूमि से संबंधित मामले पहुंचते है। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल होते हैं, जो पूर्व में कई बार प्रार्थना पत्र भी दे चुके होते है, बावजूद उनकी समस्याएं दूर नहीं हुई। अक्सर उच्चाधिकारियों के पास प्रार्थना पत्रों को देने के बावजूद विवादों का निस्तारण न होने की शिकायत पहुंचती है। भूमि विवादों के निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अभियान चलाकर भूमि संबंधित विवादों का निस्तारण करवाने का आदेश दिया है। उन्होंने राजस्व कर्मियों को फोर्स के साथ विवादित मामलों का मौके पर जाकर निस्तारण करने का आदेश दिया है। जरूरत पड़ने पर लेखपालों को कानूनगो, नायब तहसीलदारों को भी साथ ले जाने को कहा हैै। उन्होंने भूमि पैमाइश के पेंडिंग मामलों का भी निस्तारण करने का आदेश दिया है। उन्होंने राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसीलों के एसडीएम को विवादों के निस्तारण करने में हीलाहवाली करने वाले लेखपालों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। लापरवाह लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर डीएम के कड़े रुख अख्तियार करने से लापरवाह राजस्व कर्मियों में खलबली मच गई है।