सोनभद्र। अधिकारियों के बार-बार निर्देश के बावजूद टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव कराने में रुचि नहीं दिखाने पर करीब दो सौ एएनएम और आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटक रही है। म्योरपुर समेत कई सीएचसी व पीएचसी के प्रभारियों ने उन्हें चेतावनी पत्र जारी किया है। सीएमओ ने लापरवाह कर्मियों को कार्य में सुधार लाने के लिए माह भर की मोहलत दी है। बावजूद कार्यों में सुधार नहीं होने पर उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। देश के आकांक्षी 115 जिलों में शामिल सोनभद्र में केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कई जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शासन और जिला प्रशासन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को दिलाने को भरसक प्रयास कर रहा है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारी मनोयोग से राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जिले में करीब 300 एएनएम और 1346 आशा कार्यकर्ताओं को संस्थागत प्रसव कराने के साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और टीकाकरण के लिए तैनात किया गया है। इसमें कई आशा और एएनएम अपने कार्यों के प्रति संजीदा नहीं है। इसका खुलासा पिछले माह समीक्षा के दौरान हुआ था। सीएमओ के निर्देश पर सभी सीएचसी और पीएचसी के प्रभारियों ने लापरवाह कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि अब तक लापरवाह डेढ़ सौ से अधिक आशा कार्यकर्ताओं और 40 एएनएम को चेवावनी पत्र जारी करते हुए उन्हें कार्यों में सुधार लाने के लिए माह भर की मोहलत दी गइ ऌ् है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में उनके कार्य में सुधार नहीं होता है, तो उनकी सेवा समाप्त करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। म्योरपुर। राष्ट्रीय कार्यक्रम में उदासीनता बरतने के आरोप में 99 आशा कार्यकत्रियों पर सेवा समाप्ति की तैयारी है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है। इससे पूर्व कार्यकत्रियों को चेतावनी पत्र जारी कर कार्यक्रम में सहयोग देने का निर्देश दिया गया था। सोमवार को एसीएमओ प्रेमनाथ ने आशा कार्यकत्रियों की बैठक म्योरपुर सीएचसी में ली। एसीएमओ ने कहा कि उनके द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहयोग किया जाए। संस्थागत प्रसव बढ़ाने के साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में उनके कार्य में सुधार नहीं होता है, तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ शिशिर श्रीवास्तव, बीसीपीएम प्रवीण कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राजू कुमार, अपर शोध अधिकारी उमाशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।