अनपरा नगर पंचायत के जलकल यार्ड में खड़ी स्वीपिंग मशीन। संवाद
अनपरा। नगर की सड़कों को आधुनिक तरीके से सफाई करने के लिए नगर प्रशासन ने चार वर्ष पूर्व 15वें वित्त से करीब 68 लाख रुपये की लागत से स्वीपिंग मशीन खरीदी गई लेकिन आने के बाद मशीन 68 दिन भी ढंग से नहीं चली। अब स्वीपिंग मशीन यार्ड में रखे-रखे कबाड़ हो रही है। यही हाल सफाई कार्य में लगे अन्य संसाधनों का भी है। नगर के लोगों को उड़ती धूल से राहत दिलाने के लिए नगर प्रशासन ने चार वर्ष पूर्व स्वीपिंग मशीन खरीदी, ताकि दुकानदारों और राहगीरों को सफाई के दौरान भी उड़ती धूल से राहत मिल सके लेकिन आने के बाद से ही स्वीपिंग मशीन कुछ दिन चलने के बाद ही खराब हो गई और मरम्मत के बाद भी ज्यादा नहीं चलती थी। गारंटी समय में भी मशीन की मरम्मत नहीं हो पाई। बताया जाता है कि मशीन के पार्ट्स ही जल्दी नहीं मिलते हैं। मशीन के सही रख-रखाव न होने के कारण 68 लाख की मशीन अब कबाड़ हो गई है। इसे लेकर नगर प्रशासन ने भी कभी सप्लायर पर कोई कार्रवाई भी नहीं की। मशीन आने के बाद लोगों को लगा कि अब सड़कों की नियमित रूप से मशीनों के माध्यम से सफाई होगी लेकिन स्वीपिंग मशीन सड़कों पर दिखी ही नहीं। अब सड़कों पर धूल की मोटी परत जमी हुई है और दिनभर लोगों को धूल के गुबार से होकर गुजरना पड़ता है। नगर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नगर प्रशासन की ओर से दो वाटर स्प्रिंकलर भी खरीदे गए थे। एक मशीन को यार्ड में एक किनारे रख दिया है, जिससे ये पूरी तरह कबाड़ हो गए हैं। दूसरी मशीन कभी-कभार इस्तेमाल किया जाता है। हाथ ठेला भी मरम्मत के अभाव में कबाड़ हो गए हैं। इस कारण सफाईकर्मी प्लास्टिक की बोरी में कूड़ा उठाकर टीपर वाहन में फेंकते हैं। नगर प्रशासन के पास सफाई के लिए आधुनिक मशीनें होने के बावजूद भी इसका इस्तेमाल न होना नगर पंचायत के कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।