अनपरा। लापता आदिवासी युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद 24 घंटे में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी युवक ने शादी का दबाव बनाने पर युवती की हत्या की बात कही। डीआईजी आरपी सिंह व एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। डीआईजी ने एसओ को दस दिन में विवेचना की प्रक्रिया पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया, जिससे आरोपी को शीघ्र सजा मिल सके।
डिबुलगंज क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय युवती सोमवार को अपनी सहेली के घर गई थी। वहां से एक युवक उसे अपने साथ ले गया और बाद में उसकी हत्या कर दी। युवती का शव बुधवार की शाम डिबुलगंज के पास बासकटहवां जंगल में करहिया पहाड़ पर पाया गया था। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले और आसपास खून गिरा था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक उमेश जायसवाल के विरुद्ध केस दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू की। देर रात एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने अनपरा थाने पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। टीम गठित कर आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था। पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को मुखबिर की सूचना पर आरोपी युवक को दबोच लिया। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि युवती से उसका प्रेम संबंध चल रहा था। युवती लगातार उससे शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि वह इसके लिए तैयार नहीं था। इसी कारण उसने उसकी हत्या कर दी। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद विंध्याचल रेंज के डीआईजी आरपी सिंह ने भी अनपरा पहुंचकर पिपरी सीओ प्रदीप सिंह चंदेल और अनपरा थानाध्यक्ष शेषनाथ पाल से घटना की जानकारी ली। साथ ही आरोपी युवक से कड़ाई से पूछताछ की। उन्होंने एसओ को निर्देश दिया कि दस दिनों में विवेचना की कार्रवाई पूरी करते हुए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करें और प्रभावी पैरवी कर 30 दिन के अंदर आरोपी को सजा दिलाई जाए। मृतका के परिजनों को नियमानुसार मदद व सुरक्षा भी मुहैया कराएं।
डीआईजी ने किया थानों का निरीक्षण
सोनभद्र। विंध्याचल परिक्षेत्र के डीआईजी आरपी सिंह ने बृहस्पतिवार को थाना अनपरा, हाथीनाला और पिपरी का आकस्मिक निरीक्षण किया। संपूर्ण थाना परिसर का भ्रमण कर थाना कार्यालय, हवालात, कंप्यूटर कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क आदि का निरीक्षण किया। कार्यालय के अभिलेखों का अवलोकन किया। रजिस्टर को अद्यावधिक करते हुए समस्त प्रवृष्टियां पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान थाने पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को ठीक ढंग से सुनने और फीडबैक लेने के निर्देश दिए। आईजीआरएस संदर्भों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। ऑपरेशन कन्विक्शन, ऑपरेशन दृष्टि और ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत चिन्हित अभियोगों की गुणवत्तापरक विवेचना निर्धारित समय सीमा में करने का निर्देश दिया।