सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के वीर साहिबजादों की स्मृति में बुधवार को वीर बालक दिवस मनाया गया। रॉबर्ट्सगंज और ओबरा के गुरुद्वारों में संगत ने वीर साहबजादों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया। रॉबर्ट्सगंज के गुरुद्वारा में गुरु सिंह सभा की ओर से नगर में प्रभात फेरी निकाली गई। गुरुद्वारा में प्रार्थना हुई। अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कमलेश खांबे ने वीर साहिबजादे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि उनका जीवन चरित्र हम सभी के लिए प्रेरणा और अनुकरणीय है। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, अशोक मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक जिला मंत्री शंभू नारायण सिंह, नगर अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, भाजपा अनुसूचित मोर्चा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अजीत रावत, जिला महामंत्री कृष्णमुरारी गुप्ता, ओम प्रकाश दुबे आदि मौजूद रहे। वहीं ओबरा के शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में वीर बालक दिवस के अवसर पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के अद्भुत बलिदान को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को साहस, सत्य और स्वाभिमान का संदेश दिया। मुख्य वक्ता प्रमोद चौबे ने कहा कि जब हम वीर शब्द सुनते हैं तो हमारे मन में किसी बलशाली योद्धा की छवि उभरती है, लेकिन लगभग 300 वर्ष पूर्व सरहिंद की धरती ने यह सिद्ध कर दिया कि वीरता शरीर की शक्ति या उम्र की मोहताज नहीं होती। बल्कि आत्मा की मजबूती और संकल्प की दृढ़ता ही सच्ची वीरता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत में रहते हैं, हमें तलवारों से युद्ध नहीं लड़ना है, लेकिन सत्य, न्याय और संस्कारों की रक्षा का संघर्ष आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस दौरान आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रिया शर्मा ने प्रथम, अनम ने द्वितीय और पूजा प्रजापति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में श्रद्धा प्रथम, इल्मा द्वितीय तथा तन्वी तृतीय स्थान पर रहीं। अध्यक्षता प्रधानाचार्य मुकुंद सिंह गौर, जबकि आभार व्यक्त विजय भान ने किया। इस अवसर पर शिक्षक सी. लाल, श्वेता द्विवेदी, विजय दुबे, श्याम पाठक आदि मौजूद रहे।