सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों को अब त्वरित उपचार मिलेगा। हाईवे पर स्थित निजी अस्पताल उनके उपचार में टालमटोल नहीं करेंगे। हादसों में हो रही मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल की है। इसके तहत सभी प्राइवेट अस्पतालों को हादसे में घायल होने वालों को अपने यहां भर्ती कर सात दिन तक (डेढ़ लाख तक) निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था सभी पंजीकृत निजी अस्पतालों के लिए प्रभावी होगी। इसको लेकर निजी अस्पताल संचालकों की बैठक भी ली जा चुकी है और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है। चार राज्याें से सटा सोनभद्र सड़क हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां हर महीने सड़क हादसों के कारण 20 से 30 मौतें हो रही हैं। कई बार यह आंकड़ा 40 तक पहुंच जा रहा है। ज्यादातर मौत की वजह समय से उपचार न मिल पाना होता है। जिले की भौगोलिक परिस्थितियां कुछ इस तरह की हैं कि यहां कई हिस्सों से गंभीर मरीजों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचने में दो से तीन घंटे लग जाते हैं।