सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के जलखोरी गांव में चल रहे संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिन कथा वाचिका रिचा शुक्ला ने भगवान श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई। कहा कि परमात्मा का अवतार भक्तों और संतों के लिए होता है। परमात्मा के जन्म लेने के कई कारण हैं। उसमें एक कारण है मनु और सतरूपा की तपस्या। मनु सतरूपा के तप से प्रभु प्रसन्न हुए और पूछा क्या चाहते हो? भगवान की छवि को देखकर मनु जी इतने विह्वल हुए और कहा प्रभु मुझे आप जैसा पुत्र चाहिए और कुछ नहीं। भगवान ने बोला कि मेरे जैसा तो मैं ही हूं लेकिन मैं आपको वचन देता हूं कि जब आप अवध के राजा होंगे तब मैं आपके घर आपका पुत्र बनकर आऊंगा। अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान श्रीराम ने महाराज दशरथ के घर पुत्र बनकर जन्म लिया। कथावाचिका ने कहा कि जब आप अपने जीवन रूपी यज्ञ में भक्ति की आहुतियां डालेंगे तो राम रूपी आनंद का प्राकट्य होगा। यज्ञाचार्य पंडित सासाराम ओझा, भाजपा पूर्व जिला संयोजक प्रभु नारायण शुक्ल, अविनाश शुक्ल, जलखोरी ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद सिंह, व्यास शशिकांत पाठक, राम प्रसाद, दीपक सिंह, वीरेंद्र सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह आदि रहे।