कोन। स्थानीय कस्बे में संचालित निजी अस्पताल में कार्यरत युवक की शुक्रवार शाम को हुई मौत के बाद हुए हंगामे का असर दूसरे दिन भी बना रहा। अस्पताल में शनिवार को ताला रहा। कस्बे में संचालित कई अन्य अस्पतालों के भी बोर्ड उतार लिए गए। उधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सात महीने पहले खुले निजी अस्पताल में कार्य करने वाला झारखंड निवासी आजाद अंसारी (20) की शुक्रवार शाम तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल के ही एंबुलेंस से गंभीर हालत में झारखंड के भवनाथपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग कोन पहुंचे। निजी अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा मचाने लगे। अस्पताल संचालक ताला बंदकर मौके से फरार हो गया था। कोन पुलिस ने मौके पर पहुंच परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शनिवार को सामने आए निजी अस्पताल के संचालक डॉ. नसीम मुहम्मद ने बताया कि महिला स्टाफ और आजाद के साथ प्रेम था। इस बीच युवक की शादी अन्यत्र तय होने के कारण दोनों में विवाद होने लगा। शुक्रवार दोपहर बाद दोनों अस्पताल की छत पर जाकर आपस में विवाद करने लगे। इसी दौरान आजाद ने अस्पताल में रखा केमिकल (फर्मलीन) का सेवन कर लिया। सूचना महिला कर्मी ने दी तो आनन-फानन युवक के परिजनों को बुलाकर इलाज के लिए बाहर भेज दिया गया था। हालांकि परिजन हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक गोपालजी गुप्ता ने बताया कि युवक के मामा मैनुद्दीन अंसारी की तहरीर पर शव का दुद्धी सीएचसी में पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, निजी अस्पताल की घटना सुन शनिवार को आसपास के कुछ अन्य अस्पताल संचालकों ने भी बोर्ड हटा लिया।