रेणुकूट। खाड़पाथर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन कथा व्यास पं. दीपकृष्ण जी महाराज ने विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। सातवें दिन कृष्ण के अलग-अलग लीलाओं का वणन किया गया। कथा व्यास ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण सुदामा जी से समझ सकते हैं। कहा कि जब जब भी भक्तों पर विपदा आ पड़ी है। प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं। गीता परिवार की तरफ से कस्बे में चल रही सात दिवसीय कथा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। कथा व्यास ने कहा कि जो भी भागवत कथा का श्रवण करता है उसका जीवन तर जाता है। भागवत कथा समापन होने पर दक्षिण मुखी हनुमान जी की झांकी भी निकाली गई। इस दौरान मंदिर परिसर में भंडारा का आयोजन किया गया जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुड्डू यादव, राजेश पाण्डेय, मुन्ना पांडेय, राजीव सिन्हा, वीर बहादुर सिंह, भानु सिंह, भुपेंद्र सिंह, आशीष शुक्ला, सुमन जी,नीरज शर्मा, राकेश सिंह, यतीस पटेल, पियूष जायसवाल, तेज बहादुर, विक्की यादव, अनुपम मिश्रा, छोटू चौरसिया आदि मौजूद रहे।