मामला यूपी के सोनभद्र ज़िले से जुड़ा हुआ है। पुलिस को दी तहरीर में फौजदारी लिपिक ने बताया कि कुछ माह पहले परिवहन विभाग में फर्जी रिलीज आर्डर से गिट्टी-बालू लदे वाहनों को छुड़ाने का मामला उजागर हुआ था। इसकी जांच हुई तो विभाग के कुछ कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई। इसके बाद सदर कोतवाली, चोपन, म्योरपुर, हाथीनाला, विंढमगंज सहित जिले के विभिन्न थानों में केस दर्ज कराया गया था। जांचकर्ता तत्कालीन एआरटीओ मिर्जापुर की ओर से 30 अगस्त 2022 को सीजेएम कोर्ट को कुल 629 मोटर व्हीकल एक्ट के वादों की सूची प्राप्त कराई गई।
यह बताया कि इन प्रकरणों में एक अगस्त 2021 से 31 जुलाई 2022 तक सीएजेएम कोर्ट में आदेश जारी हुआ है। इसी की रसीद एआरटीओ कार्यालय में प्राप्त कराई गई हैं। जब न्यायालय के दस्तावेज से मिलान किया गया तो 304 प्रकरणों की रसीद में त्रुटियां मिली। इसमें भी सात रसीदों की त्रुटियां मानवीय भूल वाली थी, जबकि अन्य रसीद स्पष्ट रूप से कूटरचित तरीके से तैयार किए होने की पुष्टि हुई। अधिकांश रसीदें उन तिथियों पर जारी हुई हैं, जिस तिथि पर न्यायालय में सार्वजनिक अवकाश था या कोविड महामारी के कारण न्यायालय बंद था। सदर कोतवाल मनोज सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।