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चहक से स्कूलों में बनेगा शिक्षा का उत्सव

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सोनभद्र। जिले के परिषदीय स्कूलों में दीपावली के बाद शिक्षक-अभिभावक उत्सव की धूम शुरू होगी। चहक कार्यक्रम के तहत बेसिक शिक्षा विभाग उत्सव मनाने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए शासन स्तर से जिले के 1804 स्कूलों के लिए 48 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। इस दौरान छात्रों की पढ़ाई को रुचिकर बनाने में सहयोग के लिए अभिभावकों को जागरूक भी किया जाएगा। जिले के परिषदीय स्कूलों में निजी शिक्षण संस्थानों की तर्ज पर बेहतर शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की छवि सुधारा जा रहा है। इसी बीच अब जिले के परिषदीय स्कूलों में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में चहक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रति प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय 2700 रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। इस नई पहल को चिल्ड्रन हैप्पीनेस इन एंबियंस एंड एक्वायरिंग नॉलेज (चहक) नाम दिया गया है। इस उत्सव में अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी, जिसमें माता-पिता व अभिभावक को शिक्षक स्कूल में उनके बच्चों की प्रगति व बच्चे की उपलब्धि बताई जाएगी। इस दौरान बच्चों को अपने अर्जित ज्ञान जिसमें कविता पाठ, कहानी सुनाना, रोल प्ले का प्रदर्शन करने का मौका दिया जाएगा। संख्यात्मक अभिरुचि के प्रदर्शन के लिए क्विज प्रतियोगिता होगी। जिसमें बच्चों को विभिन्न पैटर्न मिलेंगे। इस दौरान चम्मच निंबू रेस भी होगी। इसमें कक्षा एक के छात्र व स्कूल परिसर में स्थापित आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे शामिल होंगे। हरिवंश कुमार ने बताया कि स्कूलों में बच्चों के लिए बुनियादी ज्ञान, साहित्यिक और बुनियादी भाषा कौशल को विकसित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इससे बच्चों में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में चहक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें अभिभावकों को आमंत्रित कर निपुण योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जो बच्चों के सपनों को एक नई उड़ान देंने में मदद करेगा।
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अभिभावक होंगे सम्मानित
चहक कार्यक्रम के दौरान ऐसे अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा। जो शिक्षक के साथ नियमित रूप से बच्चे की प्रगति पर चर्चा करते है। इससे अन्य अभिभावकों में इस कार्य के लिए रुचि बढ़ेगी। कार्यक्रम में स्कूल में नामांकित सभी बच्चे और उनके माता-पिता शामिल होंगे। इस तरह से जिले में करीब चार लाख से अधिक अभिभावक स्कूलों में इस उत्सव में हिस्सा लेंगे।
निपुण अभियान से जुड़ा है चहक
परिषदीय स्कूलों में चहक शिक्षा योजना को निपुण भारत मिशन से जोड़ कर संचालित किया जा रहा है। इससे निपुण भारत मिशन की सफलता के लिए अभिभावक भी जागरूक करना है। स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम की समाप्ति के बाद इसका आयोजन होगा।
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प्रति स्कूल में इन सामग्री की होगी खरीद
प्लास्टिक के बड़े बिल्डिंग ब्लॉक्स, आयु उपयुक्त पहेली, वर्णमाला अंग्रेजी, हिंदी, नंबर के फ्लैश कार्ड, 12 रंग, प्लास्टिक के बड़े मोतियों की माला, बिना धार की छोटी कैंची, गोंद, हिंदी व अंग्रेजी अक्षरों के प्लास्टिक पीस, टोकरियां, डॉक्टर सेट, किचन सेट, कलर पेंसिल, चार्ट पेपर सहित अन्य सामग्री की खरीद होगी।
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