अनपरा। नवनियुक्त कोल कर्मियों के श्रमिक संगठनों की तरफ से जमा कराये गये विकल्प पत्रों में हेराफेरी का मामला तूल पकडता जा रहा है। एटक, इंटक, बीएमएस व सीटू के पदाधिकारियों ने एनसीएल के निदेशक कार्मिक को संयुक्त रूप से पत्र प्रेषित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। एटक के आरके त्रिपाठी, बीएमएस के शशिकांत बैसवार, इंटक के श्रीराम सिंह व सीटू के केके उपाध्याय ने निदेशक कार्मिक को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 के बीच में कृष्णशिला क्षेत्र में ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों का विभिन्न श्रमिक संगठनों ने विकल्प पत्र जमा कराया है। किंतु श्रमिक संगठन कोयला श्रमिक संगठन की जमा सूची में भारी अनियमितता पाई गई है। मुख्यालय स्तर पर नियुक्त जांच अधिकारी ने भी सूची में हेराफेरी की बात स्वीकार की है। इस आधार पर सदस्यता सत्यापन को भी निरस्त कर दिया गया है। परियोजना के जीएम ने भी अपने स्तर पर जांच टीम का गठन किया है। पदाधिकारियों ने रोष जताते हुए आरोप लगाया है कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि मामले में लीपापोती की साजिश रची जा रही है। उन्होंने निदेशक कार्मिक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कहा कि ऐसा न होने की स्थिति में श्रमिक संगठन न्यायालय की शरण में जाएंगे।