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Sonebhadra News: परीक्षा या मजाक... चटाई पर लेटकर भविष्य लिख रहे नौनिहाल

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प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर गौर में लेटकर परीक्षा देते छात्र।- संवाद
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करंजाकला। विकास खंड के विभिन्न प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मंगलवार से शुरू हुई वार्षिक परीक्षाओं ने शिक्षा विभाग के दावों की हवा निकाल दी है। संस्कृत और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा के दौरान जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल उलट नजर आई। कई स्कूलों में न बैठने की जगह थी और न ही समय पर प्रश्न पत्र पहुंचे। सुल्तानपुर गौर प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाला नजारा दिखा। यहां छात्र बेंच-डेस्क की कमी के कारण चटाई पर लेटकर और जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। हद तो तब हो गई जब बच्चों को समय पर प्रश्न पत्र तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके। यही हाल सैदपुर गड़ौर प्राथमिक विद्यालय का रहा, जहां फर्नीचर के अभाव में छात्र जमीन पर बैठकर पर्चा हल करते दिखे। डालहनपुर प्राथमिक विद्यालय में अनुशासन की धज्जियां उड़ती दिखीं। यहां कुछ छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं लिख रहे थे, तो वहीं कुछ छात्र परीक्षा के दौरान ही खाना खाते नजर आए। विडंबना यह है कि जिस क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय स्थित है, वहां के स्कूलों की स्थिति भी दयनीय मिली। उच्च माध्यमिक विद्यालय काजी बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग और अनुशासन का अभाव साफ दिखा। यहां छात्र झुंड बनाकर परीक्षा देते पाए गए। बैठने की उचित व्यवस्था न होने के कारण छात्र एक-दूसरे के करीब बैठकर नकल की संभावनाओं को बढ़ाते दिखे। कुल मिलाकर, करंजाकला ब्लॉक में वार्षिक परीक्षाएं महज एक औपचारिकता बनकर रह गई हैं, जहां न तो बैठने का ठिकाना है और न ही परीक्षा की गरिमा का कोई ख्याल।

प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर गौर में लेटकर परीक्षा देते छात्र।- संवाद

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