सोनभद्र। जिले में संचालित सभी सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकानों पर ई-केवाईसी का काम चल रहा है। ई-केवाईसी के लिए परिवार के मुखिया के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों का फिंगर प्रिंट लगाया जा रहा है। साथ ही मोबाइल नंबर अपडेट हो रहा है। यह व्यवस्था परिवार के छोटे बच्चों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। आधार में फिंगर प्रिंट अपडेट कराने के लिए केंद्रों पर भीड़ लग रही है। इससे बच्चों को परेशानी हो रही है।
629 ग्राम पंचायत वाले जनपद सोनभद्र में कुल 788 कोटे की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों से तीन लाख से अधिक राशन कार्ड जारी किए गए हैं। सभी कोटे की दुकानों पर ईपास मशीन-तौल मशीन (इलेक्ट्रानिक कांटा) से अनाज वितरण किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर इस समय सभी कोटे की दुकानों पर राशन कार्डधारक एवं परिवार के सभी सदस्यों का फिंगर लगाकर ई-केवाईसी किया जा रहा है।
बड़ों का फिंगर प्रिंट लग जा रहा है, मगर छोटे बच्चों के साथ परेशानी आ रही है। इस पर बच्चों का बैंकों में संचालित केंद्रों से आधार अपडेट कराने के लिए कहा जा रहा है। बृहस्पतिवार को केंद्रों पर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने अपना दुखड़ा सुनाया। अभी तक 27 प्रतिशत कार्डधारकों का ही ई-केवाईसी हुई है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले कार्डधारकों का कार्ड निरस्त हो जाएगा।
आधार अपडेट कराने दूर-दूर से आ रहे लोग
राशनकार्ड से बच्चों का नाम न कटे इसके लिए परिवार के मुखिया को भागदौड़ करनी पड़ रही है। रॉबर्ट्सगंज के सिविल लाइंस रोड स्थित दो आधार केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ पहुंच गई थी। केकराही से आए प्रदीप कुमार ने बताया कि वह अपने बच्चों निष्ठा व निशांत को लेकर आधार अपडेट कराने आए हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। शाहगंज-जमगांव से शिवमूरत, चुर्क से कृपा, खैराही से राजेश कुमार तथा बिच्छी से रामप्रसाद अपने बच्चों को लेकर आधार केंद्र पर पहुंचें थे। सभी ने बताया कि इस समय धान की रोपाई चल रही है। ऐसे में सारा काम-धंधा छोड़कर बच्चों का आधार अपडेट कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
कोटे की दुकानों पर एक सप्ताह तक राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी होना है। परिवार के जिन सदस्यों का फिंगर प्रिंट नहीं लगेगा, उनका नाम स्वत: ही राशनकार्ड से कट जाएगा और वह योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसलिए ई-केवाईसी कराना जरूरी है। अब तक 27 फीसदी कार्डधारकों का ही ई-केवाईसी हुआ है।
-गौरीशंकर शुक्ला, जिलापूर्ति अधिकारी-सोनभद्र।