सोनभद्र। साढ़े छह वर्ष पूर्व 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 16 दिसंबर 2016 को शक्तिनगर थाने के एसआई संजय कुमार राय ने गश्त के दौरान ज्वालामुखी मंदिर के सामने स्थित पोखरे के पास से दिलीप कुमार यादव निवासी बरवाखाड़ थाना कोन को पकड़ा था। तलाशी में उसके पास से साढ़े सात ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया। मामले की विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषी दिलीप कुमारयादव को 10 वर्ष की कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। कोर्ट ने 7.50 ग्राम हेरोइन को नष्ट करने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता शशांक शेखर मिश्र ने बहस की।