राबर्ट्सगंज में तीज की तैयारी पर कपड़े की खरीदारी करती महिलाएं।
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला हरितालिका तीज व्रत को लेकर सुहागिन महिलाएं और अविवाहित युवतियां मन मुताबिक वर पाने के लिए व्रत की तैयारी में जुट गई है। यह व्रत करने केे लिए जहां नवविवाहित स्त्रियां अपने मायके जा रही हैं वहीं पूजन के लिए आभूषण और नये कपड़ों की खरीदारी भी शुरू हो गई है। इस वर्ष हरितालिका तीज 21 अगस्त को मनाया जाएगा। हरितालिका तीज व्रत करने वाली राबट्र्सगंज की अंकुषा शर्मा, पूजा अग्रहरि और जयश्री कानोडिया ने बताया कि सर्वप्रथम यह व्रत माता पार्वती ने किया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हिमालय के घर जन्मी पार्वती भगवान शिव को वर के रूप में पाना चाहती थीं और उसके लिए उन्होंने 12 सालों तक निराहार रहकर कठोर तप किया। माता पार्वती ने भाद्रपद शुक्ल तृतीया के दिन गुप्त स्थान पर जाकर शिवलिंग की स्थापना की थी। इस दिन निर्जला उपवास रखते हुए उन्होंने रात्रि में जागरण भी किया। उनके कठोर तप से भगवान शिव प्रसन्न हुए और माता पार्वती को उनकी मनोकामना पूर्ण होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती का भगवान शिव से विवाह हुआ। तभी से हरितालिका तीज व्रत शुरू हुआ। इस दिन सुहागिन महिलाएं शृंगार करके निर्जता व्रत रहते हुए भगवान शिव व माता पार्वती का विधि पूर्वक पूजन करती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती है। हरितालिका तीज व्रत को लेकर महिलाएं नये वस्त्र, आभूषण, शृंगार का सामान आदि की खरीदारी में जुट गई है।