सोनभद्र। पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा पेंशन बचाओ मंच के राष्ट्रीय आह्वान पर जिले में शिक्षक-कर्मचारियों ने पेंशन आक्रोश मार्च निकाला। हाइडिल मैदान से शुरू हुआ मार्च महिला थाना, शीतला माता चौक, बढ़ौली चौराहा होते हुए हाइडिल मैदान पर आकर समाप्त हुआ। इसके बाद बाइक रैली के माध्यम से कलेक्ट्रेट पहुंच पीएम-सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
अटेवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार मौर्य के नेतृत्व में निकले मार्च में प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक संघ, यूटा संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, टीएससीटी, महिला शिक्षक संघ, पंचायती राज ग्रामीण सफाई संघ, लेखपाल संघ, नर्सेज संघ, लैब टेक्नीशियन संघ, एनएम संघ, उप्र कर्मचारी महासभा, लोक निर्माण विभाग, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ जैसे संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदेश प्रभारी रंजना सिंह ने कहा कि 20 साल पहले सरकार ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) की तारीफ की थी, लेकिन अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) के माध्यम से फिर से कर्मचारियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। कर्मचारियों और शिक्षकों ने इस योजना को अस्वीकार कर दिया है। रविभूषण सिंह और शिवम अग्रवाल ने कहा कि यूपीएस में जीपीएफ की सुविधा नहीं है। इसमें 25 साल की सेवा के बाद ही पेंशन का प्रावधान है, जबकि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में 20 साल की सेवा के बाद पेंशन मिलती थी। लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुबोध सिंह और राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जिस प्रकार सरकार को किसान बिल वापस लेना पड़ा था, उसी तरह एनपीएस और यूपीएस को भी वापस लेना होगा। सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भी कर्मचारियों को समर्थन दिया। आक्रोश मार्च में सूर्यप्रकाश सिंह, प्रवीण सिंह, महेश भारती, बृजेश सिंह, कमलेश यादव सहित सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए।