सोनभद्र। पांचवीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़खानी करने वाले शिक्षक को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है। सात वर्ष पुराने मामले की मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 26 फरवरी 2016 को थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बेटी 24 फरवरी को स्कूल गई थी। दोपहर एक बजे छुट्टी हो जाती है, लेकिन शिक्षक उग्रसेन कुशवाहा निवासी नगांव सिकरिया, थाना पन्नूगंज ने उसे यह कहकर रोक लिया कि फोटो खींचना है और तत्काल प्रवेश पत्र बनाकर दूंगा। सभी बच्चे अपने घर चले गए तो अकेला पाकर नाबालिग बेटी के साथ शिक्षक उग्रसेन छेड़खानी करने लगा। किसी तरह उससे बचकर घर आई बेटी ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी उग्रसेन को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।