शक्तिनगर। एनसीएल की तेल आपूर्ति में बड़े गोलमाल में शामिल रहे गैंगस्टर एक्ट के दो और आरोपियों ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपी जेल पहुंच चुके हैं। आठ फरार आरोपियों में टीएफएम संचालक भी शामिल है।
एनसीएल दुद्धीचुआ कोयला खदान को इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के मुगलसराय टर्मिनल से हो रही तेल आपूर्ति में गड़बड़ झाला एसटीएफ की वाराणसी यूनिट ने बीते साल के दो सितंबर को उजागर किया था। इसके बाद एसटीएफ व पुलिस ने टीएफएम संचालक सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में तेल के खेल में जो नाम उजागर हुए उसके आधार पर पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपी जमानत पर रिहा हो गए। दो जनवरी को पुलिस ने एनसीएल के टोटल फ्यूल मैनेजमेंट (टीएफएम) संचालक व ट्रांसपोर्टर के साथ उन 18 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया जो तेल कारोबार का हिस्सा थे। इसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी के बाद आरोपियों के आत्मसमर्पण करने का सिलसिला शुरू हुआ। शुक्रवार को डीजल चोरी के इसी मामले से संबंधित गैंगेस्टर अधिनियम का वांछित अभियुक्त अनूप राज यादव निवासी झिरी झिरी थाना हंडिया जनपद प्रयागराज और राजेश कुमार यादव निवासी घाटमपुर कटहरा थाना हंडिया जनपद प्रयागराज ने गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सरेंडर करने वाले दोनों आरोपियों का न्यायालय ने रिमांड बनाकर जिला कारागार गुरमा भेज दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले सरेंडर करने वाले कुछ आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हो चुकी है।